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बिहार: जलजीरा की आड़ में छिपी थी 50 लाख की शराब, पुलिस ने किया जब्त, नए-नए जुगाड़ निकाल रहें तस्कर

By Harsh Gautam 
Updated Date

वैशाली : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद भी शराब तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए आए दिन नए-नए और हैरान कर देने वाले जुगाड़ निकाल रहे हैं। ताजा मामला वैशाली जिले से सामने आया है जहां तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक ऐसा शातिर तरीका अपनाया कि देखने वाले भी दंग रह गए। तस्करों ने एक बड़े ट्रक में ऊपर से जलजीरा की बोतलें इस तरह लाद रखी थीं कि पहली नजर में कोई शक ही न कर सके। ऊपर से यह पूरी तरह एक वैध कमर्शियल माल जैसा दिख रहा था, लेकिन इस जलजीरा के पीछे का असली खेल कुछ और ही था। जैसे ही पुलिस ने शक के आधार पर जलजीरा की इन बोतलों की परत हटाई, वैसे ही नीचे से विदेशी शराब का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

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मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस का एक्शन

दरअसल वैशाली पुलिस को अपने मुखबिरों से एक बड़ी खेप के आने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने तुरंत ऑपरेशन नीलकंठ के तहत जाल बिछाया और सदर थाना क्षेत्र में संदिग्ध ट्रक को घेराबंदी करके रोक लिया। शुरुआत में जब ट्रक की जांच की गई तो सामने जलजीरा की बोतलें ही नजर आईं, जिससे ऐसा लगा कि यह सामान्य माल है। हालांकि, तस्करों की चालाकी भांप चुके पुलिस अफसरों को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा था। इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने ट्रक में लदे पूरे माल को नीचे उतरवाने का फैसला किया। जब ऊपरी परत हटाई गई तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। ट्रक के गुप्त हिस्सों से कुल 6,132 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है।

पुलिस की भनक लगते ही चालक फरार

कार्रवाई के दौरान पुलिस के मौके पर पहुंचने से ठीक पहले ही ट्रक का ड्राइवर और खलासी अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। लेकिन पुलिस ने केवल बरामदगी पर ही संतोष नहीं किया, बल्कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए फौरन तफ्तीश शुरू कर दी। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पूछताछ के जरिए पुलिस ने इस अवैध खेल के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब कर दिया है। जांच में सामने आया है कि इस बड़ी खेप को मंगाने के पीछे जिले के दो कुख्यात शराब माफिया विपिन सिंह और पंकज ठाकुर का हाथ है। पुलिस ने दावा किया है कि यह पूरा सिंडिकेट इन्हीं दोनों माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा था।

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‘ऑपरेशन नीलकंठ’ से टूटेगी तस्करों की कमर

वैशाली के एसपी शुभांक मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार ट्रक चालक खलासी और दोनों नामजद शराब माफियाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इन सभी आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही बैकवर्ड लिंकटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि शराब की यह खेप किस राज्य या जगह से बिहार लाई गई थी और इसे राज्य के किन-किन हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। बिहार में शराबबंदी के बाद से तस्कर कभी दूध के टैंकर कभी एम्बुलेंस तो कभी फलों की पेटियों का सहारा लेते रहे हैं, लेकिन पुलिस का साफ कहना है कि ऑपरेशन नीलकंठ के जरिए ऐसे हर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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