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बंकिम चंद के वंशज बोले- सोनिया तो बा​हर से आईं है, पर खरगे तो यही के है…

By Harsh 
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कोलकाता।  स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। बीजेपी नेता और वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से माफी की मांग की है। नैहाटी से बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाए जाने के दौरान इसे रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक भूल की शर्मनाक पुनरावृत्ति बताते हुए घटना पर दुख और नाराजगी जताई।

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सोनिया और खरगे पर साधा निशाना

सुमित्रो चटर्जी ने मीडिया से बातचीत में सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद उन्हें वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी नहीं है। सोनिया गांधी तो बाहर से आई है, लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे तो यहीं के है उन्हें ऐसा करने से रोकना चाहिए था। सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था। चटर्जी ने कहा कि उन्होंने सोनिया गांधी को ईमेल भेजकर वंदे मातरम् के महत्व और इसके इतिहास की जानकारी दी है। इसकी एक कॉपी खरगे को भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मामले में विरोध करेगी, लेकिन आगे की कार्रवाई पार्टी के निर्देश के अनुसार होगी।

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है गीत

चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम् का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसके गायन और 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में सरला देवी चौधरानी द्वारा इसे गाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की दोहरी नीति नयी नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह देश की सामूहिक स्मृति और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का हिस्सा है।

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