लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों का वेतन असमानता के खिलाफ प्रदर्शन मंगलवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल 2018, 2019 और 2020 बैच के डॉक्टरों ने समान वेतन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग उठाई। कहा कि समान डिग्री, समान सेवा… फिर वेतन अलग क्यों? गिफ़्तारी रोकने के लिए पुलिस बस के सामने अड़ीं महिला डॉक्टर जब हक की लड़ाई में जिद्द बन गई ढाल। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बॉन्डेड एमबीबीएस और सीएचजी-पीएचसी (CHC-PHC) पर तैनात महिला डॉक्टरों तथा चिकित्सकों द्वारा वेतन समानता और सरकारी शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
पढ़ें :- अखिलेश यादव , बोले- भाजपा जायेगी, काशी मुस्कुराएगी,बाबा विश्वनाथ ने डबल इंजन को डबल ज़ीरो कर दिया
यूपी कांग्रेस पार्टी ने एक्स पोस्ट पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कोविड में सेवा करने वाली महिला डॉक्टरों को आज अपने ही हक़ के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं महिला डॉक्टरों के साथ पुलिस की बदसलूकी और 40 दिन बीतने के बाद भी शासनादेश जारी न होना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कोविड में सेवा करने वाली महिला डॉक्टरों को आज अपने ही हक़ के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है!
लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं महिला डॉक्टरों के साथ पुलिस की बदसलूकी और 40 दिन बीतने के बाद भी शासनादेश जारी न होना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सेवाएँ देने वाली डॉक्टरों को आखिर अपने अधिकारों के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? वेतन असमानता दूर करने और शासनादेश जारी करने की उनकी माँग पर सरकार कब ध्यान देगी?
पढ़ें :- "बड़े भाई हैं, मजाक में चल रहा था," कांग्रेस सांसद ने BJP के बदसलूकी के आरोपों को बताया झूठा
— UP Congress (@INCUttarPradesh) October 13, 2026
पार्टी ने लिखा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सेवाएं देने वाली डॉक्टरों को आखिर अपने अधिकारों के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? वेतन असमानता दूर करने और शासनादेश जारी करने की उनकी माँग पर सरकार कब ध्यान देगी?
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा डॉक्टरों को हटाने और कथित तौर पर दुर्व्यवहार या घसीटे जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, प्रशासन और सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था और तय नियमों के अनुसार कार्रवाई की बात कही है।