Kiren Rijiju remark on the UGC controversy : कल से शुरू हो रहे केंद्रीय बजट सत्र से एक दिन पहले (मंगलवार 27 जनवरी को) सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी थी। इस बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और जेपी नड्डा भी बैठक में मौजूद रहे। सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीटिंग में उठाए गए विषयों की जानकारी दी।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। राज्यसभा में सदन के नेता, जेपी नड्डा, मैं और अर्जुन राम मेघवाल, एल मुरुगन भी बैठक में मौजूद थे। हमने विभिन्न पार्टियों के फ्लोर लीडर्स द्वारा दिए गए सुझावों पर ध्यान दिया है। हमने अपील की है कि यह बजट सत्र है, साल का पहला संसद सत्र, जो कल राष्ट्रपति के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन के साथ शुरू होगा। आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किया जाएगा, और बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। बजट सत्र के पहले भाग में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा, बाद में दोनों सदनों में बजट पर चर्चा होगी। हमने सभी पार्टियों से सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने का अनुरोध किया है।”
रिजिजू आगे कहा, “हमें लोगों के मुद्दे उठाने के लिए चुना गया है, हमें बोलने की आज़ादी है; लेकिन सुनना भी हमारा कर्तव्य है।” विधायी एजेंडा साझा नहीं करने के विपक्ष के आरोप पर उन्होंने कहा, “साल के पहले सत्र में राष्ट्रपति के भाषण के बाद सरकारी कामकाज साझा किया जाता है।” VB-G RAM G कानून और उस पर चर्चा की मांग को लेकर उन्होंने कहा, “एक बार जब कानून देश के सामने आ जाता है, तो हमें उसका पालन करना होता है। हम रिवर्स गियर लगाकर अतीत में वापस नहीं जा सकते। ऐसा नहीं हो सकता।”
विपक्ष के इस सवाल पर कि वे आने वाले बजट सत्र में नए UGC गाइडलाइंस का मुद्दा उठाएंगे, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हम सिर्फ़ एक मुद्दे पर क्यों बात करें, सरकार हमेशा कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहती है। हालांकि, यह बजट सत्र है, हमें बजट पास करना है, देश चलाना है, लोगों की सेवा करनी है। बजट पास करना, उस पर चर्चा करना नियम है। मोदी सरकार ने कभी किसी नियम-कानून को नज़रअंदाज़ नहीं किया है। हम संविधान के अनुसार काम करते हैं, और यह देश सिर्फ़ संविधान पर ही चलता है।”