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हरदीप पुरी इतने झूठ किसे बचाने के लिए बोल रहे हैं…पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री पर बोला बड़ा हमला

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉफ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, जिस व्यक्ति ने भारत को एक प्रयोगशाला बना दिया है, सरकार उससे डर रही है, उसका स्वागत कर रही है, उसके सामने मुंह नहीं खुल पा रहा है। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के पद और देश का क्या हाल बना दिया है? BJP के लोग देश के अंदर अपराधियों का सुरक्षा कवच बना करते हैं, लेकिन अब ये उन बाहरी लोगों का सुरक्षा कवच बन रहे हैं, जो देश का नुकसान करते हैं। अब ये साबित हो चुका है कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जिन लोगों से डरती है, उसमें बिल गेट्स भी शामिल हैं।

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पवन खेड़ा ने आगे कहा कि, दुनिया का कितना ही घिनौना और खूंखार अपराधी हो, उसकी बस एक ही तमन्ना होती है कि कैसे जेल जाने से बचा जाए। कल आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री बिल गेट्स का स्वागत कर रहे थे और दो दिन पहले मोदी जी के द्वारा हरदीप पुरी को exotic बर्थडे विश दी जा रही थी। कुल मिलाकर, सबको क्लीन चिट देने का काम BJP कर रही है। सरकार के सूत्र कह रहे हैं-बिल गेट्स AI समिट में नहीं आएंगे और खुद बिल गेट्स कह रहे हैं कि मैं समिट में आऊंगा और भाषण दूंगा। सरकार के सूत्र यह भी कह रहे हैं कि हम उन Survivors के साथ खड़े हैं, जो Epstein के हाथों शिकार हुए हैं। मतलब अब सरकार को अच्छी बात कहने में भी शर्म आ रही है। उन्होंने सवाल खड़े किए कि, ये सरकार के सूत्र कौन हैं? मोदी खुद सामने आकर क्यों कुछ नहीं कहते? आखिर ये डर किससे रहे हैं और डर किस बात का है? ये दिखाता है कि प्रधानमंत्री का इकबाल मिट चुका है और अब बात देश की साख पर आ गई है।

उन्होंने आगे कहा कि, हाल में हरदीप सिंह पुरी का एक और इंटरव्यू देखा, जो 17 मिनट का था। इसमें 11 मिनट तक उन्होंने सफाई दी और 5-6 मिनट राहुल गांधी जी पर बोले। लेकिन हमारा मानना है कि राहुल गांधी जी को Epstein के दोस्तों के वैलिडेशन की जरूरत नहीं है।
हरदीप पुरी ने कहा- ‘In hindsight it was a mistake, after that I did not have much contact.’ जबकि पिछले इंटरव्यू में कहा था कि वो uneasy हो गए थे। सवाल है- असहज होने के बाद Epstein से क्यों मिलते रहे? हरदीप पुरी ने यह भी कहा- ‘Then, from that time in 2014 till I left, only 3-4 meetings more.’ जबकि ये झूठ है।

कांग्रेस नेता का आरोप है कि, 2014-17 के बीच हरदीप पुरी और Epstein के बीच 62 ईमेल एक्सचेंज हुए। इसके अलावा, 2014 में 5, 6, 8 और 9 जून, 19, 23 और 24 सितम्बर, 9 और 10 अक्टूबर को मीटिंग्स में क्या बात हुई? सवाल है-जून, 2014 में हरदीप पुरी क्या थे, किस पद पर थे और उन्होंने किस हैसियत से Epstein से मुलाकात की। इसमें रोचक बात ये है कि नरेंद्र मोदी ने मई, 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और जून, 2014 में हरदीप पुरी की मुलाकात का सिलसिला शुरू होता है।

उन्होंने आगे कहा, हरदीप पुरी एक सामान्य नागरिक की हैसियत से सरकार की नीतियां Epstein से क्यों साझा कर रहे थे? वे पहले इस्तीफा दें और फिर इस बात की सफाई दें। हरदीप पुरी ने अपने इंटरव्यू में झूठ पर झूठ बोलकर, खुद को ही गलत साबित कर दिया है। अब सवाल ये है कि हरदीप पुरी इतने झूठ किसे बचाने के लिए बोल रहे हैं?

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