नई दिल्ली। देश में आधार कार्ड (Aadhaar Card) की उपयोगिता को लेकर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह (Union Minister Rajiv Ranjan Singh, alias Lalan Singh) ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में लाभार्थियों को उनके आधार नंबर की जगह उनके बायोमेट्रिक्स और वोटर आईडी (EPIC) नंबरों का उपयोग करके भुगतान किया जाएगा। केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने बीते शुक्रवार को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जन योजना अभियान 2026-27 (Jan Yojana Abhiyan 2026-27) पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान ये बातें कही हैं।
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ललन सिंह ने कहा कि एक बात और कह देना चाहता हूं कि अब आधार लाभार्थियों को भुगतान करने का जो आधार है वह आधार कार्ड (Aadhaar Card) नहीं रहेगा। अब आधार कार्ड (Aadhaar Card) बनाने वाली संस्थाएं हैं हर गली में उपलब्ध हैं। आप जिसका कहिए अभी 5 मिनट में आधार कार्ड (Aadhaar Card) बनाकर तैयार कर देंगे।
उन्होंने आत्मनिर्भर पंचायतों और विकसित पंचायतों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में सभी की भागीदारी का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को प्रदर्शन अनुदान के लिए पात्र बनने के लिए अपने स्वयं के स्रोत के सहारे राजस्व सृजन को बढ़ाने की आवश्यकता है।आपको बता दें कि पंचायती राज मंत्रालय की ऐसी कोई योजना नहीं है जिसमें पैसे सीधे किसी लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हों, लेकिन मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की कुछ ऐसी योजनाएं हैं जिनमें भुगतान के लिए आधार अनिवार्य है।
इन योजनाओं में आधार जरूरी
पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत जो भी पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहता है उसे अपने पास आधार नंबर होने का सबूत देना होगा या आधार ऑथेंटिकेशन कराना होगा। इसके अलावा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, पीएम-किसान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और वृद्धावस्था, विधवा और विकलांगता पेंशन में भी भुगतान करने के लिए आधार से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है।