कब्ज बेहद आम समस्या है। वहीं पीरियड्स के दौरान कब्ज की समस्या ज्यादा परेशान करने वाला है। पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कब्ज रहता है।
पढ़ें :- International Epilepsy Day 2026 : मिर्गी के बारे में फैले हैं कई भ्रम , जानिए दौरे पड़ने के दौरान सही फर्स्ट एड
पीरियड्स के दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव नजर आते हैं,खास कर प्रोजेस्टरॉन और एस्ट्रोजन के स्तर में बदलाव देखने को मिलता है। यह पीरियड्स में होने वाले कब्ज का एक सबसे बड़ा कारण है।पीरियड्स आने के पहले और इस दौरान इनमें लगातार उतार च़ढ़ाव आता है, जिसकी वजह से बॉवेल मूवमेंट इरेगुलर हो सकता है।
पीरियड होने से पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन का निर्माण शुरु हो जाता है। प्रोजेस्टेरोन मांसपेशियों को रिलैक्स करने वाले कंपोनेट के रुप में काम करता है, और इससे बॉवेल मूवमेंट इतनी शिथिल हो सकती है, कि आपके लिए स्टूल पास करना मुश्किल हो जाता है।
शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम के काम करने के तरीके पर असर डालता है। एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स स्मॉल इंटेस्टाइन और पेट में स्थित होते है। ये रिसेप्टर्स आपके कोलन में मांसपेशियों के कार्य को प्रभावित कर सकते है, जिससे मल त्यागने की क्षमता प्रभावित होती है।
इस समस्याओं से बचने के लिए पीरियड के दौरान फल, सब्जी अनाज और फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करें। इससे पाचन बेहतर होता है और कब्ज और अपच की दिक्कत भी दूर होती है।
पढ़ें :- Video-'शुद्ध पानी जनता का हक और इस लड़ाई को हम लड़ेंगे, आप अपनी जेल रखिए तैयार' जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को दिया खुला चैलेंज
पीरियड्स के दौरान महिलाओं को थकान और दर्द की दिक्कत रहती है। इस दौरान बैठे रहने की वजह से भी कब्ज हो जाता है। इसलिए पीरियड्स के दौरान थोड़ी देर टहले और घूमने फिरने से भी आराम मिलता है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इसके अलावा अजवाइन, धनिया बीज, जीरा आदि का पानी पीने से आराम मिल सकती है। हर्बल टी पीने से आराम मिलता है।