लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने यूपी के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ने मंगलवार को एक्स पोस्ट पर लिखा कि यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, लेकिन 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय है। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी।
पढ़ें :- UP में 34 IAS अधिकारियों के तबादले: पीलीभीत, मुरादाबाद समेत 14 जिलों के जिलाधिकारी बदले
1. यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, किन्तु 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) May 20, 2025
मायावती (Mayawati) ने कहा कि फिर भी सस्ती व सुलभ व्यवस्था के तहत मदरसों आदि की प्राइवेट व्यवस्था के विरुद्ध सरकार का रवैया सहयोग का होने के बजाय उन्हें अवैध बताकर बंद करने का होना बुनियादी शिक्षा की जरूरत को और कमजोर करने वाला गैर-जरूरी व अनुचित है। निजी मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले तो बेहतर है।
पढ़ें :- जमुई की घटना पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा, कहा-बिहार को बीजेपी और एनडीए ने किया शर्मसार
3. वैसे तो सरकारी स्कूलों के हालात देश के अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं किन्तु यूपी व बिहार में यह अति-दयनीय होने से बहुजन गरीब परिवारों का बहुप्रतीक्षित विकास बाधित व इनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय। ऐसे में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देकर इन्हें बंद करने के बजाय प्रोत्साहन जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) May 20, 2025
उन्होंने कहा कि वैसे तो सरकारी स्कूलों के हालात देश के अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं किन्तु यूपी व बिहार में यह अति-दयनीय होने से बहुजन गरीब परिवारों का बहुप्रतीक्षित विकास बाधित व इनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। ऐसे में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देकर इन्हें बंद करने के बजाय प्रोत्साहन जरूरी है।