पटना। बॉलीवुड सुपर स्टार पंकज त्रिपाठी (Bollywood superstar Pankaj Tripathi) इस समय अपनी छुट्टियां मना रहे है। वह अपनी छुट्टी पर कोई देश विदेश में नहीं मना रहे है। बल्कि वह अपनी छुट्टी अपने पैतृक गांव (native village) गोपालगंज जनपद के बेलसंड गांव (Belsand village of Gopalganj district) में मना रहे है। वह पिछले तीन दिनों से अपने पैतृक गांव में है और मां की बरसी के अवसर पर आयोजित पूजा-अर्चना में शामिल हो रहे है। इस दौरान उनका एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमे वह होली के त्यौहार पर गाए जाने वाले फगुआ गीत गाते हुए नजर आ रहे है।
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पैसा कमाने के लिए शहर ठीक है लेकिन सुकून तो अपनों के बीच गाँव के गाछी (बगीचा) में है,वो शहर के किसी भी अपार्टमेंट में नहीं या फाइव स्टार होटल में कहां ..!
पंकज त्रिपाठी जी अपने गाँव में होली का गीत (फगुआ का आनंद ) उड़ाते हुए ..! @TripathiiPankaj pic.twitter.com/4GY0Vr1C2o
— Mukesh singh (@Mukesh_Journo) January 30, 2026
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बॉलीवुड सुपर स्टार पंकज त्रिपाठी मां की पूजा कार्यक्रम के बाद अपने दोस्तों और ग्रामीणों के साथ गांव की गलियों में घूम रहे है। इस दौरान अभिनेता बसंत ऋतु की खूबसूरती का भरपूर आनंद लिया। पंकज त्रिपाठी इस समय पूरी तरह से गांव के रंग में रंग गए है। वह ग्रामीणों के खेतों में सरसों के पीले फूलों से लहलहाते खेत, हल्की ठंड और सादा ग्रामीण माहौल का मजा ले रहे है। वहीं देर रात अभिनेता पंकज त्रिपाठी पारंपरिक फगुआ गायन में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होने ग्रामीणोंं के साथ बैठ कर फगुआ गीत भी गाया।
अभिनेता वर्षों बाद लोक संस्कृति को महसूस कर भावुक हो गए थे। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह यात्रा बहुत आनंददायक रही। बसंत का मौसम है, सरसों के फूल (mustard flowers) खिले हैं, ठंड है और माहौल बेहद सुंदर है। इस जगह से मेरा गहरा जुड़ाव है, मां-बाबूजी की स्मृतियां जुड़ी हैं। मां की स्मृति में पूजा थी और साथ ही बसंत का आनंद ले रहा हूं। साथियों के साथ फगुआ गाने का अवसर मिला। यह लोक परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। अगली पीढ़ी को इसे सीखना चाहिए। पंकज त्रिपाठी ने अपने गांव और मिट्टी से अटूट रिश्ते की बात करते हुए कहा कि मैं जमीन से निकला हूं, जमीन मेरे अंदर से कभी नहीं निकल सकती। यह जुड़ाव जीवनभर बना रहेगा।