बरेली। यूपी के बरेली जिले में निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को बुधवार दोपहर 2:18 बजे निजी वाहन से बरेली से बाहर ले जाया गया। इस दौरान उनके समर्थकों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। समर्थकों ने अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को बरेली से बाहर न जाने देने के लिए रोकने का भरकस प्रयास किया। गुस्साए समर्थकों ने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की कर दी।
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धक्कामुक्की होने से एक इंस्पेक्टर जमीन पर गिर गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर समर्थकों को गाड़ी के आगे से हटाया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को बरेली से बाहर भेजने में कामयाब रहा। इसके बाद उनके समर्थकों ने रामपुर की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू दी।
अलंकार अग्निहोत्री ने हाउस अरेस्ट करने का लगाया था आरोप
इससे पहले, बुधवार को सुबह अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) सरकारी आवास से निकलकर गेट पर आए थे और मीडिया कर्मियों से खुद को हाउस अरेस्ट होना बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रशासन ने उन्हें आवास के अंदर ही रहने की हिदायत दी है और वह कानून को मानकर अपने आवास में ही रुके। अलंकार ने कहा कि उन्हें उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि आपको बाहर न जाने देने के निर्देश मिले हैं।
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— HNI (@hnibreaking) January 28, 2026
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने कहा था कि उनके आवास पर अनावश्यक रूप से सीसी कैमरे लगा कर उनकी निजता का हनन किया जा रहा है। आवास के अंदर परिसर में एडीएम सिटी सौरभ दुबे, प्रभारी रामजनम यादव, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और सीओ पंकज श्रीवास्तव सुबह से ही मौजूद रहे। आवास के चारों तरफ पुलिस का पहरा रहा।
एडीएम सिटी बोले- आरोप निराधार
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) के इन आरोपों पर बुधवार को एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने सफाई दी। एडीएम सिटी ने कहा कि निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। अलंकार अग्निहोत्री अभी सरकारी सेवा में हैं और लोकसेवक होने के नाते वह सुरक्षा प्रोटोकॉल के दायरे में है। वह एक आवासीय कॉलोनी में रहते हैं, जहां अन्य अधिकारी भी परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे में परिसर की सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों को एक निश्चित सीमा तक ही प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। हाउस अरेस्ट जैसी बात पूरी तरह से निराधार और गलत है।
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शामली के कलेक्टर ऑफिस से किया गया अटैच
गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर कलक्ट्रेट में झंडा फहराने के बाद 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार ने अपने इस्तीफा देने की बात सार्वजनिक कर दी थी। इस्तीफा भेजने के बाद अलंकार मुखर हो गए थे और यूजीसी (UGC) के नए नियमों और शंकराचार्य के अपमान पर वह केंद्र-राज्य सरकार को घेरने लगे थे। फिर देर शाम डीएम से मिलने उनके आवास गए थे।
यूपी | बरेली पुलिस अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर किसी दूसरी जगह ले गई है। अफसर कह रहे हैं कि उन्हें उनके पैतृक घर सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। UGC और अविमुक्तेश्वरानंद मामले में अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से 2 दिन पहले इस्तीफा दिया था। pic.twitter.com/cue0udGNFg
— Dileep Yadav । दिलीप यादव
(@yadavdileepdev) January 28, 2026
वहां से बाहर निकलने पर उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए रखे जाने का आरोप लगाया। हालांकि डीएम ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को निलंबित कर दिया गया था। उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली (Divisional Commissioner of Bareilly) को सौंपी गई है।
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व्हाट्सएप पर लगाया था ये स्टेट्स
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने मंगलवार की रात अपने व्हाट्सएप पर स्टेट्स अपडेट किया। उन्होंने लिखा कि मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं। बातचीत का एकमात्र जरिया यह मोबाइल फोन है। अगर मुझसे संपर्क न हो पाए तो सभी को भारत के संविधान के तहत हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करें। अगर हमसे संपर्क नहीं हो पाता है, तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के ऑफिस के साथ ही हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकीलों को सूचित करें। पुलिसकर्मियों को एडीएम कंपाउंड में मोबाइल जैमर लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि, हमें बाहरी दुनिया से अलग किया जा सके। सभी अंदरूनी जानकारी देने वालों का धन्यवाद। आपको सलाम, लोकतंत्र बचाओ।