अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम बच्चों की हत्या करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पति के विदेश में दूसरी शादी कर लेने और चार साल से घर न लौटने की नाराजगी ने इस वारदात को जन्म दिया। घटना के बाद महिला घर से फरार हो गई, जबकि पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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पति की दूसरी शादी के बाद बढ़ा तनाव
जानकारी के मुताबिक महरुआ थाना क्षेत्र के कसड़ा गांव निवासी नियाज (37) सऊदी अरब में नौकरी करता है। करीब चार साल पहले उसने अकबरपुर के मीरानपुर इलाके में अपनी पत्नी गासिया खातून (34) के नाम पर मकान बनवाया था। गासिया वहीं अपने चार बच्चों—शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बेटी बयान उर्फ सादिया (8) के साथ रहती थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विदेश में रहने के दौरान नियाज ने एक पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह कर लिया था। इसके बाद से पहली पत्नी गासिया और उसके बीच लगातार विवाद चल रहा था। नियाज चार साल से घर नहीं लौटा था, जिससे गासिया मानसिक तनाव में बताई जा रही थी।
बंद घर के अंदर मिले चार मासूमों के शव
शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे दूधवाला रोज की तरह घर पहुंचा, लेकिन काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। उसे लगा कि परिवार सो रहा होगा, इसलिए वह वापस लौट गया। दोपहर तक जब बच्चों से कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो सऊदी अरब में मौजूद नियाज ने अपनी भाभी बकीतुनिशा को घर जाकर हाल जानने को कहा। जब भाभी वहां पहुंचीं, तब भी घर अंदर से बंद मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
करीब तीन बजे पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य दरवाजा बंद था, इसलिए पुलिस पहली मंजिल की बालकनी के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुई। कमरे में पहुंचते ही पुलिस के होश उड़ गए—तख्त पर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ पड़े थे।
हत्या से पहले जहर देने की आशंका
एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवारों से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले हुए थे। बच्चों के उल्टी करने के निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उन्हें खाने में कोई जहरीला पदार्थ दिया गया। इसके बाद सिर पर किसी भारी वस्तु—संभवतः ईंट या हथौड़े—से वार कर हत्या की गई। हालांकि मौके से ऐसा कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को घर के बर्तन साफ मिले, जिससे यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर बच्चों को जहर दिया गया था तो बचा हुआ खाना कहां गया।
बालकनी से भागने की आशंका, टूटी चूड़ियां मिलीं
जिस मकान में यह वारदात हुई, उसके मुख्य दरवाजे से लगभग आठ फीट ऊपर बालकनी है। पुलिस को शक है कि हत्या के बाद गासिया इसी बालकनी से कूदकर फरार हुई। नीचे खून के निशान और महिला की टूटी हुई चूड़ियों के टुकड़े भी मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से सभी जरूरी सैंपल जुटाए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या किसी और की भी इसमें भूमिका थी।
मायके पक्ष से पूछताछ, छह टीमें तलाश में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी सोमेन वर्मा, डीएम ईशा प्रिया और एसपी प्राची सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। देर शाम पुलिस ने भीटी के सम्मनपुर छितैनिया स्थित गासिया के मायके में दबिश देकर उसके परिजनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार, गासिया के पिता मोहम्मद फैजान की तीन संतानें हैं और नियाज उनकी सगी बहन का बेटा है। परिवार में ही यह रिश्ता तय हुआ था।
हत्या का केस दर्ज, आरोपी की तलाश जारी
देर शाम नियाज के भाई सलीम ने गासिया खातून के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। आरोप लगाया गया कि उसने पहले बच्चों को खाने में विषाक्त पदार्थ दिया और फिर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की छह टीमें आरोपी महिला की तलाश में लगी हैं। एसपी प्राची सिंह ने कहा, “प्रथम दृष्टया यही सामने आ रहा है कि महिला ने ही अपने चारों बच्चों की हत्या की और फिर बालकनी से कूदकर फरार हो गई। हर पहलू से जांच की जा रही है।”