उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में चार मासूम बच्चों और उनकी मां की हत्या का मामला अब पूरी तरह पलट चुका है। जिस घटना में शुरुआती तौर पर मां पर ही बच्चों की हत्या का शक जताया गया था, उसमें अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे हत्याकांड को अंजाम पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय आमिर ने दिया था। सोमवार को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया...
अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में चार मासूम बच्चों और उनकी मां की हत्या का मामला अब पूरी तरह पलट चुका है। जिस घटना में शुरुआती तौर पर मां पर ही बच्चों की हत्या का शक जताया गया था, उसमें अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे हत्याकांड को अंजाम पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय आमिर ने दिया था। सोमवार को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया।
शादी और जमीन के लालच में रची खौफनाक साजिश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतका गौसिया खातून का पति सऊदी अरब में रह रहा है और वहीं दूसरी शादी कर चुका है। इसी का फायदा उठाकर पड़ोसी आमिर महिला पर शादी का दबाव बना रहा था। उसका मकसद महिला से निकाह कर उसकी जमीन पर कब्जा करना था। लेकिन जब गौसिया ने साफ इनकार कर दिया, तो उसने खौफनाक साजिश रच डाली।
पहले बच्चों को मारा, फिर महिला को भी नहीं छोड़ा
2 मई को आरोपी आमिर ने घर में घुसकर महिला और उसके बच्चों से मारपीट की। इस दौरान गौसिया बेहोश हो गई। इसके बाद उसने एक-एक कर चारों बच्चों की हत्या कर दी। कुछ देर बाद जब महिला को होश आया और वह चीखने लगी, तो आरोपी ने उसकी भी जान ले ली। हत्या के बाद आरोपी ने महिला के शव को करीब 200 मीटर तक घसीटकर नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और मामला ऐसा लगे कि मां ने ही बच्चों की हत्या की हो।
पहले पुलिस भी हुई गुमराह, फिर पलटी पूरी कहानी
वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर चार बच्चों के शव मिले, जबकि मां गायब थी। ऐसे में शुरुआती जांच में यही माना गया कि मां ने ही बच्चों की हत्या कर फरार हो गई है। लेकिन अगले ही दिन नाले में महिला का शव मिला, जिस पर चोट के निशान थे। इसके बाद पुलिस की पूरी थ्योरी बदल गई और मामला हत्या की साजिश की तरफ मुड़ गया।
CCTV और पड़ोसियों की जानकारी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसमें सामने आया कि आमिर अक्सर महिला के घर आता-जाता था। घटना के बाद से ही वह फरार था। इससे शक और गहरा गया। पुलिस ने सबूतों के आधार पर उसकी तलाश शुरू की और आखिरकार उसे ट्रेस कर लिया।
घेराबंदी के दौरान मुठभेड़, आरोपी ढेर
एसपी प्राची सिंह के मुताबिक, सूचना मिली थी कि आरोपी आमिर नेवतरिया बाईपास के पास छिपा हुआ है और भागने की फिराक में है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तभी बाइक से आता एक संदिग्ध दिखाई दिया। रुकने का इशारा करने पर वह भागने लगा, लेकिन बाइक फिसल गई। इसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी विनोद यादव के बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जबकि एक दरोगा और एक सिपाही घायल हुए हैं। मौके से एक बाइक, पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए।
चार मासूमों की हत्या से दहल उठा था इलाका
बताया जा रहा है कि मीरानपुर मोहल्ले में रहने वाली गौसिया अपने चार बच्चों—शफीक (14), सउद (12), उमर (10) और सादिया (8)—के साथ रहती थी। 2 मई को जब घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों को शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर चारों बच्चों के शव मिले। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था, लेकिन अब आरोपी के मारे जाने के बाद मामले की सच्चाई सामने आ चुकी है। यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे लालच और जुनून इंसान को हैवान बना सकता है।