बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय के लिए मौत के एक महीने बाद एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के शव को कब्र से बाहर निकाला गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए सामूहिक बलात्कार और हत्या के गंभीर आरोपों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने शव को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है...
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय के लिए मौत के एक महीने बाद एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के शव को कब्र से बाहर निकाला गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए सामूहिक बलात्कार और हत्या के गंभीर आरोपों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने शव को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। यह पूरी कार्रवाई अदालत के विशेष आदेश के बाद रविवार को अमल में लाई गई।
बेलसंड थाना प्रभारी रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात कथित तौर पर बीती 3 अप्रैल को अंजाम दी गई थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक एक महीने बाद लगी। इसलिए कोर्ट के आदेश का इंतजार करना पड़ा। मामले में 7 मई को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्र से निकाला गया। पुलिस ने इस मामले में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
परिजनों का आरोप है कि घटना की रात जब पीड़िता की मां खेत से लौटीं, तो उन्होंने बेटी का शव फंदे से लटका पाया। आरोप है कि अगली सुबह पीड़िता के पिता के मुंबई से लौटने से पहले ही, आरोपियों ने मां की मर्जी के बिना शव को जबरन दफना दिया। मृतका के रिश्तेदारों का कहना है कि आरोपियों में से एक युवक लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। फिलहाल पुलिस का कहना है कि वे फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके आते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।