Anant Chaturdashi 2026 : सनातन धर्म में भगवान विष्णु के शाश्वत और अनंत रूप (परब्रह्म नारायण) की आराधना को मोक्ष और परम शांति का मार्ग माना गया है। सृष्टि के पालनहार के रूप में वे सर्वव्यापी हैं—सूक्ष्मतम परमाणु से लेकर विशाल ब्रह्मांड तक सब उन्हीं में समाहित है। अनंत चतुर्दशी के दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु के शाश्वत और अनंत रूप की आराधना के लिए समर्पित है। इसी दिन 10 दिनों से चले आ रहे गणेश उत्सव का समापन भी होता है और बप्पा का विसर्जन किया जाता
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अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन गणेश विसर्जन होगा।
अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त: सुबह 6:11 बजे से 11:06 बजे तक है।
गणेश विसर्जन का क्या है ?
सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भावुक उत्सव गणेश विसर्जन है, जिसमें 10 दिनों तक घरों और भव्य पंडालों में विराजे भगवान गणेश को विदाई दी जाती है। अनंत चतुर्दशी पर पूरे सम्मान के साथ उनका विसर्जन कर उन्हें विदाई दी जाती है।
धार्मिक महत्व
गणेश विसर्जन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है, जो मुख्य रूप से जीवन के चक्र, भक्ति की पराकाष्ठा और बाधाओं के नाश को दर्शाता है