राज्य शासन ने प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल (मालवी) एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों (गीर-साहीवाल) के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना प्रारंभ की है। इसके तहत अधिकतम दूध देने वाली गायों का चयन कर उन्हें पुरस्कार दिया जायेगा।
राज्य शासन ने प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल (मालवी) एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों (गीर-साहीवाल) के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना प्रारंभ की है। इसके तहत अधिकतम दूध देने वाली गायों का चयन कर उन्हें पुरस्कार दिया जायेगा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रभारी उप संचालक ड. एम एल परमार ने बताया कि योजना में जिले के अंतर्गत समस्त विकासखंडों से ऐसे पशुपालक जिनके पास प्रदेश की मूल गौवंश (मालवी) नस्ल की गाय जिसका प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 04 लीटर अथवा उससे अधिक है तथा भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू (गीर-साहीवाल) गाय जिसका दुग्ध उत्पादन 06 लीटर प्रतिदिन या उससे अधिक है, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु इच्छुक एवं पात्र पशुपालकों से पृथक-पृथक आवेदन विकासखंड के पशु चिकित्सालयों से प्राप्त किए जाएंगे।
आवेदनों का संकलन एवं परीक्षण उपरांत मूल गौवंशीय (प्रदेश एवं भारतीय) नस्ल की गायों का दैनिक दुग्ध उत्पादन का तीन टाइम दोहन कर एवरेज दुग्ध उत्पादन की वरीयता के आधार पर चयन कर प्रतियोगिता संपन्न कराई जायेगी। अधिकतम दुग्ध देने वाली गायों को क्रमशः प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार राशि 21 हजार रुपये एवं तृतीय पुरस्कार राशि 11 हजार रुपये के प्रदान किए जायेंगे।