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Yuvraj Singh: आसान नहीं है युवराज सिंह बनना! जान जोखिम में डालकर टीम इंडिया को जिताया था वर्ल्ड कप

Yuvraj Singh Story: भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक पल देने वाले पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह आज 43 साल के हो गए। छह गेंदों पर छक्के मरने का मामला हो या फिर टी20आई में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का कमाल हो, युवराज के नाम यूं तो कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। हालांकि, युवराज ने भारत को वनडे वर्ल्ड कप जिताने के लिए वो काम किया था, जो कोई सोच भी नहीं सकता। दरअसल, साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने अपनी जान जोखिम डालकर पूरा टूर्नामेंट खेला था और भारत ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी। युवराज 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे थे।

By Abhimanyu 
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Yuvraj Singh Story: भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक पल देने वाले पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह आज 43 साल के हो गए। छह गेंदों पर छक्के मरने का मामला हो या फिर टी20आई में सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का कमाल हो, युवराज के नाम यूं तो कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। हालांकि, युवराज ने भारत को वनडे वर्ल्ड कप जिताने के लिए वो काम किया था, जो कोई सोच भी नहीं सकता। दरअसल, साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने अपनी जान जोखिम डालकर पूरा टूर्नामेंट खेला था और भारत ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी। युवराज ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे थे।

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युवराज बीच मैदान कर रहे थे खून की उल्टियां

साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान ही युवराज सिंह को पता चला कि वह कैंसर से जूझ रहे हैं। खून की उल्टियां और कमजोर शरीर उनके प्रदर्शन पर भारी पड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने किसी को यह आभास नहीं होने दिया। इस दौरान 20 मार्च 2011 को भारत बनाम वेस्टइंडीज लीग मैच के दौरान युवराज मैदान पर ही खून की उल्टियां करनी लगे थे, यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मैच में युवराज ने 123 गेंदों में 10 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 113 रन की शानदार पारी खेली थी। लेकिन इसी शतकीय पारी के दौरान उनके मुंह से खून निकलने लगा था और मैदान पर ही उन्हें एक दो बार खून की उल्टियां हुईं। कैंसर उबरने के बाद उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया था।

साल 2014 में युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मुझे पहले लगा था कि ये (खून की उल्टियां) चेन्नई की गर्मी की वजह से हुआ है। मैं हमेशा से वर्ल्ड कप में शतक चाहता था, लेकिन कभी नहीं हुआ था, क्योंकि मैं 6 नंबर पर बल्लेबाजी करता था, लेकिन वीरू बाहर हुए तो मैंने फैसला किया कि मैं ऊपर जाऊंगा और बड़ा स्कोर करूंगा। वहीं, जब उल्टियां हुईं तो मैंने भगवान से प्रार्थना की कि जो भी हो जाए, यहां तक कि मैं मर जाऊं फिर भी भारत वर्ल्ड कप जीतना चाहिए।”

युवराज सिंह का शुरुआती जीवन और शिक्षा

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युवराज सिंह का जन्म पंजाबी जाट सिख परिवार में योगराज सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और शबनम सिंह के घर हुआ था। बचपन में टेनिस और रोलर स्केटिंग युवराज के पसंदीदा खेल थे और वह दोनों में काफी अच्छे थे। उन्होंने नेशनल अंडर-14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप भी जीती थी। हालांकि, युवराज के पिता उन्हें क्रिकेटर बनाना चाहते थे और वह उनकोहर दिन ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे। युवराज ने चंडीगढ़ के डीएवी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय के डीएवी कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री पूरी की। उन्होंने मेहंदी सगना दी और पुत्त सरदारा में बाल कलाकार के रूप में दो छोटी भूमिकाएं भी कीं।

शुरुआती क्रिकेट करियर

युवराज सिंह ने क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत 13 साल की उम्र में नवंबर 1995-96 सीज़न में जम्मू और कश्मीर-16 के खिलाफ पंजाब अंडर-16 के साथ की थी। साल 1996-97 में, उनको पंजाब अंडर-19 में मौका मिला। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश अंडर-19 के खिलाफ नाबाद 137 रन की पारी खेली। इसके बाद साल 1997-98 के रणजी ट्रॉफी के सीजन में युवराज ने ओडिशा के खिलाफ डेब्यू किया, लेकिन वह पारी की शुरुआत करते हुए शून्य पर आउट हो गए। हालांकि, साल कूच बिहार ट्रॉफी के फाइनल में युवराज ने पंजाब के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बिहार के खिलाफ 358 रन बनाकर सनसनी मचा दी।

युवराज ने फरवरी 1999 में भारत में श्रीलंका अंडर-19 के खिलाफ सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साल 2000 के अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। भारत ने मोहम्मद कैफ की कप्तानी में इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था। युवराज को उनके शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड जीता। इसके बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में एंट्री हुई।

युवराज के इंटरनेशनल रिकॉर्ड

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भारत के लिए खेलते हुए युवराज सिंह का क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा है। युवराज ने वनडे के 304 मैचों में 8701 रन बनाए हैं, जिसमें 14 शतक और 52 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने भारत के लिए टी20 के 58 मैच खेलते हुए 1177 रन हैं, इस दौरान उन्होंने 8 अर्धशतक भी जड़े। युवराज को 40 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने 1900 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। तीनों फॉर्मेट में गेंदबाजी की बात करें तो युवराज के नाम टेस्ट में 9 विकेट, वनडे में 111 विकेट और टी20 में 28 विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा, युवराज के नाम कई बड़े रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। आइये, इन रिकॉर्ड्स पर एक नजर डाल लेते हैं-

1- युवराज ने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप इतिहास रचते हुए एक ओवर में छह छक्के जड़ने का कारनामा किया था, यह रिकॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में बनाया था।

2- युवराज सिंह के नाम टी20 इंटरनेशनल में पहले सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक ठोका था।

3- युवराज ने वनडे क्रिकेट में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा 7 शतक जड़े हैं। युवी के करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 150 रन है।

4- युवराज सिंह ICC के तीनों प्रमुख टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मैचों (टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी) में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।

युवराज सिंह ने 10 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। साल 12 नवंबर 2015 को, उन्होंने ब्रिटिश अभिनेत्री हेज़ल कीच से सगाई की और 30 नवंबर 2016 को उनसे शादी की। इस जोड़े दो संताने हैं। एक बेटा जिसका नाम ओरियन है और बेटी का नाम ऑरा है।

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