BadaMangal 2026 : युगों- युगों से ज्येष्ठ माह में हनुमान जी विशेष पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन हनुमान जी पूजा और भंडारे का अयोजन किया जाता है।
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ऋषियों ने दिया था श्राप
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार , बचपन में अत्यधिक शरारती होने के कारण हनुमान जी को भृगुवंशी ऋषियों ने श्राप दिया था कि वे अपनी दिव्य शक्तियों को भूल जाएंगे। यह श्राप तब मिला जब उन्होंने ध्यानमग्न ऋषियों की पूजा-पाठ में बाधा डाली। इस श्राप के कारण ही वे लंका जाते समय अपनी उड़ने की क्षमता भूल गए थे, जिसे जामवंत जी ने याद दिलाया। यह श्राप एक तरह के अनुशासन के रूप में था, ताकि वे अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करें और सही समय पर उनका सदुपयोग करें।
जब सीता माता की खोज में समुद्र लांघने की बात आई, तब हनुमान जी को अपनी शक्ति का भान नहीं था। तब जामवंत जी ने उन्हें उनके बल और शक्तियों की याद दिलाई, जिससे उन्हें श्राप से मुक्ति मिली और वे विशाल रूप धारण कर लंका गए। जब सीता माता की खोज में समुद्र लांघने की बात आई, तब हनुमान जी को अपनी शक्ति का भान नहीं था। तब जामवंत जी ने उन्हें उनके बल और शक्तियों की याद दिलाई।