हिमालय क्षेत्र में स्थित भगवान बद्री विशाल के कपाट बंद होने की शुभ तिथि घोषित हो गई है। परंपरा के अनुसार, विजयदशमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी ने तिथि की घोषणा की। इस साल भगवान बद्री विशाल के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के लिए बंद होंगे।
Badrinath Kapat Close Date : हिमालय क्षेत्र में स्थित भगवान बद्री विशाल के कपाट बंद होने की शुभ तिथि घोषित हो गई है। परंपरा के अनुसार, विजयदशमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी ने तिथि की घोषणा की। इस साल भगवान बद्री विशाल के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसी के साथ ही उत्तराखंड में स्थित चारों धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा भी पूरी हो जाएगी। । यह पावन तिथि विजयादशमी के अवसर पर पंचांग गणना के आधार पर तय की गई है। इससे पहले इस वर्ष कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुले थे।
इसके अगले दिन यानी 17 नवंबर को देवडोलियां अपने-अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए प्रस्थान करेंगी। वहीं, श्री केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज के पावन पर्व पर 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही दोनों प्रमुख धामों में इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा।
बद्रीनाथ धाम में कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं शुरू
12 नवंबर को भगवान श्री गणेश जी के कपाट बंद होंगे।
13 नवंबर को आदि केदारेश्वर जी के कपाट बंद होंगे।
14 नवंबर को खड्ग-पुस्तक का वाचन और वेदों का पाठ बंद होगा।
15 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को गर्भगृह में विराजमान होने के लिए न्योता दिया जाएगा।
16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर मुख्य कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
इस साल बद्रीनाथ यात्रा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अभी तक लगभग 21 लाख श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।