लखनऊ: समाजवादी पार्टी के 34वें स्थापना दिवस (Samajwadi Party’s 34th Foundation Day) के मौके पर रविवार को यूपी बीजेपी (BJP) ने सपा पर बड़ा हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश मुख्यालय (BJP State Headquarters) में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मंच पर एक घड़ा रखा गया, जिस पर ‘सपा के पाप का घड़ा’ लिखा था। इस घड़े को रखकर बीजेपी (BJP) ने सपा के 34 साल के कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाए। पंकज चौधरी ने कहा कि सपा को अपने कार्यकाल के इन मामलों का जवाब जनता को देना होगा। उन्होंने सपा के 34 साल के कार्यकाल को लेकर आरोपों का लंबा ब्यौरा पेश किया।
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भाजपा ने क्या-क्या आरोप लगाए?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सपा सरकार के कार्यकाल की कई बड़ी घटनाओं का जिक्र किया।
1994 रामपुर तिराहा कांड – उत्तराखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर पुलिस फायरिंग का मुद्दा।
1995 गेस्ट हाउस कांड – लखनऊ गेस्ट हाउस में मायावती और बसपा नेताओं पर हमले का आरोप।
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2013 मुजफ्फरनगर दंगे – 60 से ज्यादा मौतों और हजारों लोगों के विस्थापन का जिक्र कर सपा सरकार को घेरा।
2014 सहारनपुर दंगे और 2014 बदायूं कांड को लेकर भी सवाल उठाए। जवाहर बाग कांड 2016, बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप, पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड 2015, IAS दुर्गा शक्ति नागपाल निलंबन 2013 जैसे मामलों का भी ब्यौरा दिया।
सपा के 34 साल: गुंडागर्दी, घोटाले और माफियाराज का काल…
आज भाजपा प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान सपा के 34 साल के काले कारनामों, अकूत घोटालों, बेलगाम गुंडागर्दी और परिवारवाद का कच्चा चिट्ठा जनता के सामने रखा।
सपा के कुशासन में उत्तर प्रदेश ने जो दंश झेला है, उसका एक-एक हिसाब अब बेनकाब हो चुका है। प्रतीक रूप में ‘सपा के पाप का घड़ा’ फोड़कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जागरूक जनता अपने वोट की चोट से सपा के इन 34 सालों के पापों का अंतिम हिसाब करेगी।
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भ्रष्टाचार और माफियाराज के संरक्षकों का अंत तय है।
#Parivarwadke34saal@BJP4UP
— Pankaj Chaudhary (@mppchaudhary) October 4, 2026
परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर वार
पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव के पास करीब 50 विभाग थे। सपा की जीती पांच लोकसभा सीटों पर परिवार के सदस्य ही हैं। 2016 में अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक सत्ता संघर्ष को भी याद दिलाया। इसके अलावा गोमती रिवरफ्रंट घोटाला, यादव सिंह मामला, JPNIC में अनियमितता, मुफ्त लैपटॉप योजना में गड़बड़ी, बेरोजगारी भत्ते के प्रचार पर बेतहाशा खर्च, गन्ना किसानों का मुद्दा, कैराना पलायन, UPPSC अध्यक्ष नियुक्ति, यश भारती पुरस्कारों में भाई-भतीजावाद, 72,825 शिक्षक भर्ती, UPPCS पेपर लीक और जल निगम भर्ती घोटाले का भी जिक्र किया।