कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा में हुए दोबारा मतदान में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा प्रत्याशी देबांग्श पांडा की जीत पर वहां पर जश्न का माहौल है। कार्यकर्ता से लेकर नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं। जीत की खबर ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार को बधाई दी और इसे संगठन की बड़ी सफलता बताया। वहीं, इस जीत के बाद भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, ये जीत हमारी नहीं बल्कि फलता की जनता की जीत है। चुनाव के समय कई तरह की चुनौतियां थी लेकिन जनता ने अब लोकतांत्रित तरीके से अपना फैसला सुनाया है।
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दरअसल, फलता विधानसभा सीट काफी चर्चाओं में रही है। यहां से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान चुनावी मैदान में थे। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलता सीट पर भाजपा ने धांधली के आरोप लगाए थे। कई बूथों पर ईवीएम पर भाजपा चुनाव चिह्न के सामने टेप लगाकर छिपा दिया गया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 21 मई को फिर से मतदान करने का आदेश दिया था। 24 मई को आए नतीजों में देबांग्शु पांडा ने करीबी उम्मीदवार को 109021 वोटों पराजित किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडेय की एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से हुई जीत का श्रेय जनता को देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब ‘तृणमूल की हार-बार’ मॉडल बन गया है। शुभेंदु अधिकारी ने फलता की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को भारी मतों से विजयी बनाया है। उन्होंने कहा कि इस जीत के ऋण को विकास के माध्यम से चुकाया जाएगा और फलता को ‘स्वर्णिम फलता’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सिद्धांतों और विचारधारा से रहित होकर, एक माफिया कंपनी की तरह काम कर रहे थे।