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भाजपा का बजट, भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही, इसमें न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र: अखिलेश यादव

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश किया। इस बजट को लेकर अब सियासत शुरू हो गयाी है। विपक्षी दलों ने ​बजट को लेकर मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा।

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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम। हमने तो पहले ही कहा था: सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा। जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बंटे बीस) का बजट मानते हैं क्योंकि वो 5% लोगों के लिए होता है।

उन्होंने आगे लिखा, भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है। भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही होता है। इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र। ⁠महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है। ⁠अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है।निराशाजनक, निंदनीय बजट!

 

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