Bronze massage therapy:आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और हाथ पैर में दर्द होना आम बात है। इससे राहत पाने के लिए मसाज कराते है। मालिश से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और थकान में आराम मिलती है नींद भी अच्छी आती है। पर क्या आप जानते हैं कई मसाजों में से एक है कांस्य मसाज है।
पढ़ें :- रुद्रांश सिंह ने 95 फीसदी अंक हासिल कर आईएससी परीक्षा में लहराया अपनी मेधा का परचम
जिससे दर्द में आराम तो मिलती ही है साथ में नींद भी अच्छी आती है और थकान दूर होती है। कांस्य मसाज से पैरों के घुटनों और एड़ियों में होने वाले दर्द को कम करता है। शरीर की गर्मी कम होती है। पैरों की सूजन में आराम पहुंचाता है।
कैसे होती हैं कांस्य मसाज
कांस्य मसाज में कांस्य का लोटा या कटोरी की मदद से मसाज की जाती है। पैरों में दर्द से परेशान हैं तो पैर में तेल लगाकर कांस्य का लोटा या कटोरी को पैरों पर रगड़ कर मसाज की जाती है। कांस्य फुट मसाज थेरेपी करने के लिए आपको सबसे पहले कांस्ये के एक लोटे या कटोरी की जरूरत होगी।
साथ ही मालिश करने के लिए घी, तेल, तिल का तेल या फिर किसी हर्बल तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब कांस्य फुट मसाज थेरेपी करने के लिए आपको सबसे पहले पैरों के तलवों पर अच्छी तरह तेल लगाकर कांस का लौटा गोल-गोल पूरे पैर पर घूमाना है। ऐसा करते हुए आप पूरे पैर की अच्छी तरह मालिश करें। इस बात का खास ख्याल रखें कि मालिश करने के बाद आप अपने पैरों के तलवों को 2 घंटे बाद ही पानी में डालें।