राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कर्नाटक सरकार के बीच जारी विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) लगातार RSS पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने RSS चीफ मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) को लेटर लिखकर संगठन की कानूनी स्थिति, पंजीकरण, फंडिंग के सोर्स, आय-व्यय और जवाबदेही से जुड़े कई सवाल पूछे थे।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कर्नाटक सरकार के बीच जारी विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) लगातार RSS पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने RSS चीफ मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) को लेटर लिखकर संगठन की कानूनी स्थिति, पंजीकरण, फंडिंग के सोर्स, आय-व्यय और जवाबदेही से जुड़े कई सवाल पूछे थे।
अब मंगलवार को उन्होंने एक बार फिर प्रेस कान्फ्रेंस कर संघ पर सवाल उठाया और कहा कि ‘अगर RSS ने 100 साल में खुद को पंजीकृत नहीं कराया, तो क्या अगले 200 साल भी नहीं कराएगा? प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) ने यह टिप्पणी संघ प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) के बयान के जवाब में की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि, ‘RSS को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है और पिछले 100 वर्षों में किसी भी सरकार ने इस तरह की मांग नहीं की है।
मोहन भागवत ने जो बयान दिया, वह उनके पत्र का जवाब नहीं था : प्रियांक खड़गे
RSS पर सवाल उठाने को लेकर प्रियंक खड़गे (Priyank Kharge) ने मंगलवार को कहा कि ‘कानून से ऊपर कोई नहीं, न आप और न मैं’। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) ने RSS प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनके पत्र को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने जो बयान दिया, वह उनके पत्र का जवाब नहीं था।
प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) ने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते कानून-व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि अखिल भारतीय सभा की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक में RSS की मजबूत मौजूदगी है और संगठन ने हजारों शाखाएं, मार्च और कार्यक्रम आयोजित किए हैं। ऐसे में RSS को एक निजी संगठन मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।
‘RSS से सवाल पूछना गलत कैसे?’
उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) से जुड़े कथित दान घोटाले को लेकर भी लोग जवाब मांग सकते हैं, तो RSS से सवाल पूछना गलत कैसे हो सकता है? खड़गे ने कहा कि’कल मैंने त्रिशूर में मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) का वीडियो देखा, जिसमें उन्होंने मेरे बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। आप अपने स्वयंसेवकों से कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन कानून को नहीं। मेरे सवालों का जवाब देने के लिए किसी को नियुक्त कीजिए।’
अगर RSS ने 100 साल में खुद को पंजीकृत नहीं कराया, तो क्या अगले 200 साल भी नहीं कराएगा?
कर्नाटक के गृह मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के लिए एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL) टीम की जरूरत क्यों पड़ती है, जबकि इसका खर्च करदाताओं के पैसे से उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि RSS के कार्यक्रमों में लाखों लोग जुटते हैं, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसके लिए धन कहां से आता है। प्रियांक खड़गे (Priyank Kharge) ने तंज कसते हुए कहा, कि अगर RSS ने 100 साल में खुद को पंजीकृत नहीं कराया, तो क्या अगले 200 साल भी नहीं कराएगा?’ उन्होंने यह भी दावा किया कि अतीत में संगठन पर लगा प्रतिबंध हटाने के लिए उसे तत्कालीन नेताओं से संपर्क करना पड़ा था।
सवाल RSS से पूछे जा रहे हैं, लेकिन जवाब दे रही है भाजपा
भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी खड़गे ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सवाल RSS से पूछे जा रहे हैं, लेकिन जवाब भाजपा दे रही है। उनके अनुसार, जब देश में हर संस्था और व्यक्ति जवाबदेह है, तो RSS को भी जवाबदेह होना चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है, न आप और न मैं,। उन्होंने कहा कि RSS और भाजपा की ओर से खड़गे के इन नए आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उधर, इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार (Alok Kumar, International President of the Vishwa Hindu Parishad) ने कहा कि उन्हें पहले वह कानून बताना चाहिए, जो सभी संगठनों के लिए पंजीकरण अनिवार्य करता हो। जहां तक RSS की आय और उसके आयकर विभाग (Income Tax Department) को दी जाने वाली जानकारी का सवाल है, यह एक अलग विषय है और उसका जवाब संबंधित नियमों और कानूनों के तहत दिया जाता है।