नागपुर स्थित महाल कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह (Independence Day Celebrations) को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने कहा कि मुझे देश की जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) यानी युवाओं से बातचीत करने के लिए कहा गया था।
नागपुर। नागपुर स्थित महाल कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह (Independence Day Celebrations) को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने कहा कि मुझे देश की जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) यानी युवाओं से बातचीत करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सही ढंग से संभाला गया तो हमें फ़ायदा होगा, वरना वे समाज पर बोझ बन जाएंगे।
“स्वतंत्रता दिवस हम सबके लिए गौरव का और उत्सव का विषय़ है। 1857 से गिनेंगे तो लगातार 90 वर्ष अनेक प्रकार का त्याग बलिदान देकर हमारे पूर्वजों ने स्वातंत्र्य की प्राप्ति की। उस त्याग और बलिदान का गौरव हमारे मन में है। लेकिन इसके साथ एक भान मन में चाहिए, कि इतना त्याग-परिश्रम करके… pic.twitter.com/1s5t2Jrz3C
— RSS (@RSSorg) August 15, 2026
मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) हम सबके लिए गौरव का और उत्सव का विषय़ है। 1857 से गिनेंगे तो लगातार 90 वर्ष अनेक प्रकार का त्याग बलिदान देकर हमारे पूर्वजों ने स्वातंत्र्य की प्राप्ति की। उस त्याग और बलिदान का गौरव हमारे मन में है। लेकिन इसके साथ एक भान मन में चाहिए, कि इतना त्याग-परिश्रम करके स्वतंत्रता हमको मिली है, उस स्वतंत्रता को कायम रखना और जैसा सावरकर जी ने कहा है – “जे जे उत्तम, उदात्त, उन्नत, महन्मधुर ते ते। स्वतंत्रते भगवती, सर्व तव सहचारी होते” — तो स्वतंत्रता का परिणाम जो-जो उत्तम, उदात्त, उन्नत, महन्मधुर है, वह सब कुछ हमारे देश में अवतीर्ण हो। इसकी आवश्यकता पूर्ण करने का दायित्व भी हमारा बनता है।
आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) के अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) हम सब के लिए गौरव का और उत्सव का विषय है। 1857 से गिनेंगे तो लगातार 90 साल अनेक प्रकार का त्याग बलिदान देकर हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए स्वातंत्र्य की प्राप्ति हमको करा दी। उस त्याग और बलिदान का गौरव हमारे मन में है और उसको एक सफल सांगता मिली इसका आनंद हमारे मन में है।