नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, केंद्र की सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास की यात्रा को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रही है। संघीय ढांचे में हिमाचल के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार गलत है, जिसके लिए सम्मानित जनता कभी माफ नहीं करेगी।
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सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण राजनीति ने हिमाचल की जनता को एक बार फिर शिकार बनाया है। ‘स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम’ के तहत 3296 करोड़ रुपये की राशि 23 राज्यों को दी गई, लेकिन हिमाचल को इस महत्वपूर्ण सहायता से वंचित रखा गया है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास की यात्रा को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार की भेदभावपूर्ण राजनीति ने हिमाचल की जनता को एक बार फिर शिकार बनाया है। 'स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम' के तहत 3296 करोड़ रुपये की राशि 23 राज्यों को दी गई, लेकिन हिमाचल को इस महत्वपूर्ण सहायता से वंचित रखा गया है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता…
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) December 2, 2024
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कथनी और करनी में गहरा अंतर है। केंद्र सरकार का यह भेदभावपूर्ण रवैया अब पूरी तरह से उजागर हो चुका है। यहां के भाजपा सांसद लिस्ट जारी करके खुशी मना रहे हैं, जैसे उन्होंने कोई बड़ी जंग जीत ली हो। मुझे आश्चर्य होता है कि क्या वे सच में हिमाचल की जनता के प्रतिनिधि हैं भी या नहीं।
उन्होंने आगे कहा, जब आपदा का संकट हमारे दरवाजे पर था, तब भी केंद्र सरकार चुप्पी साधे थी। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, हमने कड़ी मेहनत और समर्पण से पर्यटन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। संघीय ढांचे में हिमाचल के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार गलत है, जिसके लिए सम्मानित जनता कभी माफ नहीं करेगी।