मुरादाबाद। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद मुरादाबाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रथम डिजिटल युद्ध स्मारक ‘त्रिशूल – भारतीय रक्षा संग्रहालय’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। योगी ने कहा कि शौर्य का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान। तय समय में नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के के तरफ से कराए गए विकास कार्यों की सराहना की।
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शौर्य का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज जनपद मुरादाबाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रथम डिजिटल युद्ध स्मारक 'त्रिशूल – भारतीय रक्षा संग्रहालय' का उद्घाटन किया।
यह संग्रहालय भारतीय सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नई पीढ़ी तक… pic.twitter.com/7rs4MebACf
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) June 29, 2026
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क्या है त्रिशूल- भारतीय रक्षा संग्रहालय..
त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय देश का पहला ऐसा संग्रहालय है जिसको सेना के एरिया के बाहर आमजन लोगों के लिए बनाया गया है, जिसमे सेना के आंदोलन से जुड़े उनके ओरिजिनल हथियार, टैंक और फाइटर जेट से जनता कों रूबरू कराया जायेगा, इसके अलावा सेना किस किस परिस्थिति में रहती है उसके लिए बंकर बनाए गए हैं जिसको यहां दर्शाया गया है।
यही नहीं लेजर शो और आधुनिक तकनीक से तैयार थिएटर मे सेना के गौरव का एहसास कराया जायेगा। इसके संबंध मे जानकारी देते हुए नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है की त्रिशूल रक्षा संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से कारगिल विजय की 25वीं वर्षगांठ पर प्रारम्भ किया था और रिकॉर्ड 11 महीने में 31 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराया गया है।
इसकी विशेषता बताते हुए नगर आयुक्त का कहना है कि ये उन चुनिंदा रक्षा संग्रहालयों में से एक है जिसे कैंट एरिया से बाहर और किसी सिविल सेवा संस्थान के द्वारा बनाया गया है। ये अनोखा इस नाते भी है क्योंकि इसमें एक्टिविटी जोन प्रोवाइड है यहां सिर्फ चीजें रखी नहीं गयी, बल्कि वो इनके माध्यम से सेना के परंपरा को समझेंगे, इसके अलावा लाइव ट्रेंच का भी इसमें निर्माण किया गया है ताकि आने वाली पीढ़ी को बंकरों और खंडस मे किस तरह लड़ाईयां होती थीं।