पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: प्रदेश में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नगर निकायों को सूची तैयार करने, संदिग्धों की रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने और हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से नेपाल बॉर्डर से सटे महराजगंज जनपद में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं।
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सीमाई जनपद होने के कारण पुलिस पहले से ही नियमित रूप से किरायेदारों, अस्थाई मजदूरों, कूड़ा बटोरने वालों और कबाड़ बीनने वाले समूहों का सत्यापन करती रही है। सोनौली अंतरराष्ट्रीय सीमा, निचलौल नगर पंचायत, नौतनवा नगर पालिका परिषद सहित कस्बों में यह प्रक्रिया समय-समय पर चलती है।
हाल ही में पुलिस ने गांवों में स्टील बॉक्स और डेहरी बेचने वालों की भी जांच की, लेकिन अब तक जिले में किसी भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी घुसपैठिए के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है। नगर निकायों में भी संदिग्धों की सूची तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल जिले में रोहिंग्या या बांग्लादेशी घुसपैठिए होने की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमाई जनपद होने के कारण जिले में पहले से सतर्कता बरती जाती है।
“यदि शासन स्तर से कोई नया निर्देश प्राप्त होता है, तो उसके अनुरूप तत्काल कार्रवाई शुरू की जाएगी,” डीएम ने कहा।