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CTI चेयरमैन बृजेश गोयल दिल्ली सरकार में वित्तीय समिति के सदस्य, AAP से है तगड़ा कनेक्शन, यूं ही नहीं कर रहे हैं कांग्रेस रैली की खिलाफत

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली: रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) की रैली से पहले चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल (CTI Chairman Brijesh Goyal) लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने रैली से पहले कुल चार चिट्ठी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लिखी है। इन चिट्ठियों में उन्होंने रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जताई है। सीटीआई चेयरमैन के संबंध आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता (BJP) से भी रहे हैं। गोयल वर्तमान में दिल्ली सरकार की वित्तीय समिति के सदस्य हैं।

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चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली से ठीक पहले राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अपना चौथा पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली के कारण 10 किलोमीटर के दायरे में करीब 2.5 लाख दुकानें बंद हो सकती हैं और परिवहन सेवाएं ठप हो सकती हैं।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इससे 20 बाजारों में 80% कारोबार प्रभावित हो सकता है, जिससे दिवाली के सीजन में होने वाला 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का रोजाना का व्यापार खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस रैली से व्यापारियों की आजीविका पर कोई बुरा असर न पड़े।

कौन हैं बृजेश गोयल?

रामलीला मैदान के खिलाफ लगातार चिट्ठी लिखने वाले सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल (CTI Chairman Brijesh Goyal)  के संबंध भाजपा और आम आदमी पार्टी से रहे हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी के सिंबल पर चुनाव भी लड़ा था। बृजेश गोयल को महज 1.5 लाख वोट मिले थे। वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इस चुनाव में भाजपा की मीनाक्षी लेखी चुनाव जीतने में सफल रही थी। वहीं, कांग्रेस नेता अजय माकन दूसरे स्थान पर रहे थे। वर्तमान में वह वह भाजपा से जुड़े हुए हैं। उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भाजपा नेताओं के साथ कई तस्वीरें हैं। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने भाजपा और आप से रिश्तों को लेकर बृजेश गोयल (Brijesh Goyal) पर हमला बोला था।

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कांग्रेस नेता एक्स पर लिखा, ”हमेशा से AAP और BJP के फैन रहे हैं! उन्होंने राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  जी को पत्र लिखकर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 1 नवंबर की रैली को टालने के लिए कहा है। ये लोग सचमुच गिड़गिड़ा रहे हैं, क्योंकि BJP भी जानती है कि जब दिल्ली में लाखों लोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए इकट्ठा होंगे, तो क्या होगा। रैली होकर रहेगी। और यह ऐतिहासिक होगी। समय बीतता जा रहा है। डर अच्छा है!”

सीटीआई ने दिए थे कांग्रेस को 2 सुझाव

व्यापारियों के संगठन ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को दो सुझाव दिए थे। पहला, रैली को 10-11 नवंबर या उसके बाद तक टाल दिया जाए। दूसरा, रामलीला मैदान के बजाय इसका आयोजन बुराड़ी मैदान में किया जाए, जहां करीब 15,000 वाहनों की पार्किंग की जगह होने का दावा किया गया है। गोयल ने कहा था कि संगठन ने इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  को तीन पत्र लिखकर रैली का समय बदलने पर विचार करने का अनुरोध किया था। अब उसने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपील की है।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे पत्र में व्यापारियों के संगठन ने कहा कि प्रस्तावित रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे त्योहारों के व्यस्त समय में मध्य और पुरानी दिल्ली के थोक एवं खुदरा बाजारों में 10,000-12,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल (CTI Chairman Brijesh Goyal)   ने कहा कि व्यापारी रैली का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसके समय को लेकर चिंता है क्योंकि धनतेरस छह नवंबर और दिवाली आठ नवंबर को है।

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