नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग (Digital Era) में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सरकार और नागरिकों के बीच जुड़ने और नई योजनाओं की जानकारी साझा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं। हालांकि जैसे-जैसे लोग डिजिटल दुनिया (Digital World) में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। वैसे-वैसे ठग भी नई चालें अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हैदराबाद से सामने आया है, जहां 53 वर्षीय व्यक्ति ने प्रधानमंत्री किसान योजना (PM Kisan Scheme) के तहत लाभ देने के नाम पर एक फर्जी मैसेज के चलते 1.9 लाख रुपये की राशि गंवा दी।
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निजी फर्म में काम करता है पीड़ित
पीड़ित जो कि ओल्ड सफिलगुड़ा क्षेत्र में रहते हैं और एक निजी फर्म में काम करते हैं, को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया। यह लिंक देखने में असली लग रहा था, लेकिन असल में यह धोखाधड़ी का हिस्सा था। पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया और एक नकली वेबसाइट पर पहुंच गए। वेबसाइट को सरकारी पोर्टल मानते हुए उन्होंने वहां से जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की। ठगों के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) साझा कर दिया।
ओटीपी बताया और खाता खाली
OTP साझा करते ही ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच हासिल कर ली और 1.9 लाख रुपये की राशि निकाल ली। जैसे ही पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत राचकोंडा साइबर क्राइम पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ऐसे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय
यदि आप सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमेशा सरकार द्वारा स्थापित आधिकारिक वेबसाइट्स का उपयोग करें। PM Kisan योजना के लिए pmkisan.gov.in पर विजिट करें। संदेहास्पद लिंक से बचें। यदि व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपको कोई विज्ञापन या संदेश प्राप्त होता है, तो उसकी सत्यता को आधिकारिक पोर्टल पर जांचे बिना लिंक पर क्लिक न करें।
OTP साझा न करें
OTP को कभी भी किसी के साथ साझा न करें।
OTP एक गोपनीय जानकारी है और इसे बैंक, सरकारी संस्थान या अन्य किसी संगठन के कर्मचारी के साथ भी साझा न करें।
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मैसेज की सत्यता की जांच करें।
यदि कोई संदेश वित्तीय लाभ की पेशकश करता है, तो उसकी पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन पर करें।
अनचाहे संदेशों, ईमेल या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करने से बचें।
यदि आपको ठगी का संदेह है, तो इसे तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल को रिपोर्ट करें।
आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।