Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय  एवं संबद्ध चिकित्सालय अयोध्या (Rajarshi Dasharath Autonomous State Medical College and Associated Hospital, Ayodhya) के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार (Former Principal Dr. Gyanendra Kumar) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) के कड़े निर्देश के बाद इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय (हाई-लेवल) जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

पढ़ें :- राम मंदिर CEO के लिए इंटरव्यू, उम्मीदवारों से पूछा- शिखा रखते हैं? जनेऊ पहनते हैं? शराब तो नहीं पीते?

डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर अयोध्या में तैनाती के दौरान घोर भ्रष्टाचार और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जांच में सामने आया है कि अवकाश पर रहने के दौरान, जब उन्होंने अपना प्रभार (चार्ज) किसी अन्य अधिकारी को सौंपा हुआ था, तब भी उन्होंने GeM पोर्टल पर टेंडर पास किए और करोड़ों रुपये के चेकों पर सिग्नेचर किए।

पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल ने खोले राज

इन गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा मेडिकल कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल के तरफ से लगाए गए आरोपों और शिकायतों के बाद हुआ, जो शुरुआती जांच में सही साबित हुए हैं।

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा नेहा शर्मा करेंगी जांच

पढ़ें :- लखनऊ में बुआ की बेटी के साथ युवक ने सुसाइड़ किया, तीन साल से चल रहा था अफेयर

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) एवं तेजतर्रार आईएएस अधिकारी नेहा शर्मा को सौंपी गई है। शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि निष्पक्ष और गहन जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जा सकें।

क्या है पूरा मामला….

अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बीमारी के दौरान अवकाश पर रहते हुए वित्तीय अनियमितताएं कीं। उन पर आरोप है कि बीमारी के नाम पर अवकाश पर रहने के दौरान उन्होंने सामान खरीद के जैम अनुबंधों पर साइन किए। इसी अवधि में सवा करोड़ से अधिक के चेकों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस संबंध में उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak), चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को शिकायती पत्र भेजा गया था।

बता दें कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा से ही 21 सितंबर 2023 को चार्ज लिया था। इसी साल चार जनवरी से 19 जनवरी 2023 के बीच अवकाश पर जाने का डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने चार्ज डॉ. सत्यजीत को न देकर डॉ. पारस खरबंदा को सौंपा था। शिकायती पत्र में शासन से शिकायत की गई है कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा छुट्टी पर होते हुए भी सात व 10 जनवरी को करीब 84 लाख का जैम कांट्रैक्ट जारी किया। आरोप है कि आठ से 10 जनवरी बीच ही 17 चेकों के जरिए एक करोड़ 28 लाख 90 हजार 990 रुपये के भुगतान भी करा दिए गए।

पढ़ें :- राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़े फैसले, प्रवक्ता नियुक्त होगा, CEO के चयन पर एक महीने बाद फैसला

पत्र में लिखा ही कि 2.12 करोड़ से अधिक के सरकारी धन का व्यय किया गया। पत्र में डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा वित्तीय अनियमितता करने की बात कही गई है। बता दें कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार को 16 जनवरी 2023को पद से हटाने का आदेश दिया गया था। ऐसे में अवकाश पर रहने के दौरान भुगतान व जैम अनुबंध किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Advertisement