Trump-Putin Alaska meeting : दुनिया की दो महाशक्तियों के राष्ट्राध्यक्षों की आज अलास्का के जॉइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन (Joint Base Elmendorf-Richardson) में मुलाकात हो रही है। यह सिर्फ दो नेताओं की मुलाकात नहीं होगी, बल्कि एक ऐसा कूटनीतिक लम्हा होगा, जो यूक्रेन-रूस युद्ध (Ukraine-Russia War) की आग की लपटों को ठंडा करने की उम्मीद जगाएगा। पूरी दुनिया की निगाहें इस मुलाकात पर टिकी है। यह मुलाकात रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे भीषण युद्ध को समाप्त करने और शान्ति बहाल करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।
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दोनों नेताओं के बीच कूटनीतिक मुलाकात वैश्विक शक्ति संतुलन (Global Balance of Power) को फिर से परिभाषित करने का एक प्रयास भी है।
खबरों के अनुसार, मुलाकात पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में विश्वास जताया कि पुतिन अब शांति की राह में आगे बढ़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पुतिन शांति कायम करेंगे और राष्ट्रपति जेलेंस्की (President Zelensky)भी शांति चाहेंगे। हम देखेंगे कि क्या वे एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठा सकते हैं।” इस दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका पुतिन को युद्ध समाप्त करने के लिए दुर्लभ खनिजों (rare minerals) तक पहुंच देने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने इसके जवाब में कहा, “हम देखेंगे कि हमारी बैठक में क्या होता है और रूस के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी, और हमारे लिए भी। खासकर तब जब हम हजारों सैनिकों की जान बचा सकते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका मकसद केवल एक है कि हर हफ्ते हजारों सैनिकों की जान बचाना।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (US President Trump) पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें पुतिन से होने वाली मुलाकात के शुरुआती पहले दो मिनट में यह अंदाज़ा हो जाएगा कि बात बनेगी कि नहीं, क्योंकि वो डील करते हैं, इसलिए उन्होंने पुतिन से मिलते ही दो मिनट में मालूम हो जाएगा कि वो क्या चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर रूसी राष्ट्रपति पुतिन ट्रेड की तरफ बढ़ते हैं तो दोनों देशों के बीच सामान्य व्यापार संबंध (normal business relations) फिर से बहाल हो सकते हैं। आज की बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की शामिल नहीं होंगे, ट्रंप ने संकेत दिया कि एक दूसरी, अधिक महत्वपूर्ण बैठक जल्द ही आयोजित की जा सकती है, जिसमें जेलेंस्की के साथ दूसरे यूरोपीय नेता भी शामिल हो सकते हैं।
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यूरोपीय नेताओं और जेलेंस्की पुतिन और ट्रंप की मुलाकात से पहले चिंता जाहिर कि है कि बिना यूक्रेन की भागीदारी के कोई भी समझौता किसी मरे हुए फैसले जैसा ही होगा। जेलेंस्की ने साफ किया है वह डोनबास इलाके (Donbass region) से पीछे नहीं हटेंगे और किसी भी क्षेत्रीय समझौते (Regional Agreements)को भविष्य के रूसी आक्रमण का रास्ता खोलने वाला मानते हैं।