नई दिल्ली। आजकल मार्केट में मिलने वाले कई फलों और सब्जियों पर छोटे-छोटे स्टिकर लगे होते हैं। अक्सर लोग इन्हें देखकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये स्टिकर आपकी सेहत से जुड़ी अहम जानकारी देते हैं? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
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स्टिकर क्या बताते हैं?
फलों और सब्जियों पर लगे स्टिकर को PLU Code (Price Look-Up Code) कहा जाता है। यह एक खास नंबर होता है, जो बताता है कि फल या सब्जी किस तरीके से उगाई गई है।
PLU कोड के प्रकार और उनका मतलब
4 अंकों का कोड (जैसे: 4011)
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अगर स्टिकर पर 4 अंकों का कोड है, तो इसका मतलब है कि फल या सब्जी पारंपरिक तरीके से उगाई गई है। इसमें केमिकल फर्टिलाइज़र और कीटनाशकों का इस्तेमाल हो सकता है।
5 अंकों का कोड, जो 9 से शुरू होता है (जैसे: 94011)
यह कोड बताता है कि फल या सब्जी ऑर्गेनिक है, यानी इसे बिना केमिकल के प्राकृतिक तरीके से उगाया गया है। यह सेहत के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
5 अंकों का कोड, जो 8 से शुरू होता है (जैसे: 84011)
ऐसा कोड बताता है कि फल या सब्जी Genetically Modified (GMO) है, यानी इसमें जेनेटिक बदलाव किए गए हैं। हालांकि आजकल यह कोड बहुत कम देखने को मिलता है।
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क्या स्टिकर खुद खतरनाक होते हैं?
नहीं, स्टिकर खुद खतरनाक नहीं होते, लेकिन इनमें इस्तेमाल होने वाला गोंद (adhesive) केमिकल बेस्ड हो सकता है। अगर स्टिकर हटाकर बिना धोए फल खाया जाए, तो हानिकारक तत्व शरीर में जा सकते हैं।
खतरा कहां है?
असल खतरा स्टिकर में नहीं, बल्कि: कीटनाशकों (pesticides) के अवशेष, केमिकल फर्टिलाइज़र, मोम (wax coating) में होता है, जो फलों और सब्जियों की सतह पर लगे होते हैं।
कैसे करें बचाव?
खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं। नमक वाले पानी या बेकिंग सोडा से साफ करें। स्टिकर को हमेशा हटाकर ही खाएं। जहां तक संभव हो, ऑर्गेनिक फल-सब्जियां चुनें। स्टिकर लगे फल और सब्जियां अपने आप में खतरनाक नहीं होते, लेकिन वे यह जरूर बताते हैं कि आपका खाना किस तरह उगाया गया है। सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से आप अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
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रिपोर्ट: कौशिकी गुप्ता