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स्वस्थ रहने के लिए नियमित योग है सबसे सरल और प्राकृतिक उपाय

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण देशभर में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन, लू लगना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में भारी वर्कआउट के बजाय शीतलता प्रदान करने वाली क्रियाओं पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे में शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम, भ्रामरी और शवासन जैसे योग काफी अहम है।

By Sushil Sah 
Updated Date

नई दिल्ली। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण देशभर में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन, लू लगना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और योग गुरुओं के अनुसार, इस कड़कड़ाती धूप और गर्मी के मौसम में अपनेआप को स्वस्थ, ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास सबसे सरल, सटीक और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है। हेल्थ चिकित्सकों का कहना है कि योग शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित रखने के साथ—साथ गर्मी के कारण होने वाले मानसिक तनाव और चिड़चिड़ेपन को भी दूर करता है।

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इन प्राणायामों से शरीर को मिलेगी अंदरूनी ठंडक

योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में भारी वर्कआउट के बजाय शीतलता प्रदान करने वाली क्रियाओं पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे में शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम, भ्रामरी और शवासन जैसे योग काफी अहम है।

शीतली प्राणायाम

इस प्राणायाम में जीभ को मोड़कर सांस अंदर खींचा जाता है जिससे शरीर का तापमान तुरंत कम होता है और पित्त शांत होता है।

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शीतकारी प्राणायाम

इस प्राणायाम में दांतों के बीच से ठंडी हवा अंदर खींचा जाता है जिससे मुंह के सूखेपन और बार-बार लगने वाली प्यास से राहत मिलती है।

भ्रामरी और शवासन

यह योग मानसिक शांति के लिए सबसे अचूक हैं। शवासन से शरीर की थकान दूर होती है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

हल्के आसन और सही समय का चयन जरूरी

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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दोपहर की धूप या गर्म माहौल में योग करने से बचें। योग का सबसे सही समय सुबह की ठंडी हवा या शाम का वक्त है। इसके अलावा इस मौसम में शरीर को ज्यादा थकाए बिना ताड़ासन, वृक्षासन और बालासन जैसे हल्के स्ट्रेचिंग वाले आसन करने की सलाह दी गई है। आयुर्वेद और स्वास्थ्य डॉक्टरों के अनुसार, योग का पूरा लाभ योग के साथ—साथ खानपान में भी बदलाव करने से मिलेगा। ऐसे मौसम में फ्रिज के ठंडे पानी की जगह घड़े के पानी को प्राथमिकता दें। साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और पुदीने का रस का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो। इसके अलावा तरबूज, खीरा, ककड़ी और लौकी जैसी पानी से भरपूर सब्जियों का भी सेवन करें। अधिक तीखे, मसालेदार और तले-भुने भोजन से परहेज करें।

निष्कर्ष
According to the advisory of the Health Ministry and yoga experts, आपके जीवनशैली में यह छोटा सा बदलाव आपको बिना किसी दवाई के लू और भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रख सकता है। इस मौसम में नियमित रूप से 20 से 30 मिनट का योग संजीवनी साबित हो सकता है।

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