वर्तमान समय में महिलाओं के बीच कैल्शियम की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में उभर रही है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि शरीर में कैल्शियम की कमी एक 'Silent Killer' की तरह काम करती है। इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई तो नहीं देते, लेकिन धीरे—धीरे अंदर ही अंदर यह हड्डियों को खोखला कर देती है।
नई दिल्ली। वर्तमान समय में महिलाओं के बीच कैल्शियम की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में उभर रही है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि शरीर में कैल्शियम की कमी एक ‘Silent Killer’ की तरह काम करती है। इसके लक्षण शुरुआत में दिखाई तो नहीं देते, लेकिन धीरे—धीरे अंदर ही अंदर यह हड्डियों को खोखला कर देती है। निश्चित समय पर ध्यान नहीं देने से महिलाएं ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो रही हैं। जिसकी वजह से फ्रैक्चर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
क्यों है महिलाओं को अधिक खतरा?
डॉक्टरों के अनुसार, महिलाओं के शरीर में 30 वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों का घनत्व (Bone Density) कम होने लगता है। इसके अलावा, गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज के दौरान शरीर में होनेवाले हार्मोनल बदलाव के चलते कैल्शियम की मांग काफी तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम न मिलने पर शरीर हड्डियों से कैल्शियम सोखना शुरू कर देता है।
हड्डियों की ताकत लौटाएंगे ये मुख्य खाद्य पदार्थ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने महिलाओं को अपनी दैनिक डाइट में कुछ खास सुपरफूड्स शामिल करने की सलाह दी है जिसमें डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और पनीर के अलावा रागी कैल्शियम के सबसे त्वरित और सुलभ स्रोत हैं। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली और मेथी के साथ तिल और चिया सीड्स में भी कैल्शियम का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। इनका नियमित सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इन डाईट के अलावा रात में भीगे हुए बादाम और सूखे अंजीर का सेवन शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है। वहीं टोफू और सोयाबीन शाकाहारी और वीगन लोगों के लिए कैल्शियम का एक बेहतरीन विकल्प है।
विटामिन-डी भी है बेहद जरूरी
हेल्थ एक्सपर्टस् का कहना है कि कैल्शियम युक्त भोजन खाने के साथ शरीर में कैल्शियम को सही तरीके से एब्जॉर्ब करने के लिए विटामिन-डी की सख्त जरूरत होती है। इसके लिए महिलाओं को रोजाना सुबह 10 से 15 मिनट धूप में बितानी चाहिए।