लोकसभा में मंगलवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि 2024 के कानून में प्रस्तावित संशोधन से पेपर लीक जैसे मामलों पर
लोकसभा में मंगलवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि 2024 के कानून में प्रस्तावित संशोधन से पेपर लीक जैसे मामलों पर और प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकेगी तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार को छात्रों पर कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का आदेश किस स्तर से दिया गया था। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वह एक घायल छात्रा से मिलने गई थीं, जहां छात्रा की मां ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि कई नेता मिलने आए, लेकिन उनकी बेटी की हालत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रियंका ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर सख्ती की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र केवल पेपर लीक के मामलों में न्याय की मांग कर रहे थे और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनकी मांग थी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, जिम्मेदार लोगों को हटाया जाए और छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर सरकार माफी मांगे। उन्होंने कहा कि छात्रों पर कथित बर्बरता करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद केवल सांसदों की नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज उठाने का मंच है। उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिक अपने प्रतिनिधियों से जवाबदेही की उम्मीद रखते हैं और सरकार का दायित्व है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे।