Govardhan Puja 2026 : गोवर्धन पूजा जिसे अन्नकूट महोत्सव भी कहा जाता है यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (दिवाली के चौथे दिन) को मनाया जाता है। इस साल 10 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की इंद्र के प्रकोप से रक्षा करने की पौराणिक घटना की याद में मनाया जाता है। इस त्योहार का सीधा संबंध भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत (प्रकृति) और गौ-वंश की सेवा व सुरक्षा से है।
पढ़ें :- प्रेमानंद जी महाराज ने बताए राधा रानी के 28 नाम, जानिए क्या है इन नामों के जाप का धार्मिक महत्व
‘अन्नकूट’ शब्द का अर्थ है “अन्न का ढेर”। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न प्रकार के शाकाहारी व्यंजनों, नए अनाज और पारंपरिक रूप से 56 भोग का अर्पण किया जाता है, जो फसल और प्रचुरता के प्रति कृतज्ञता दर्शाने का प्रतीक है।
गोवर्धन पूजा की तारीख: 10 नवंबर 2026, मंगलवार
– प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे
– प्रतिपदा तिथि समाप्त: 10 नवंबर, दोपहर 2:00 बजे
प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: सुबह 6:40 बजे से 8:50 बजे तक
– अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
– गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:30 बजे से 5:56 बजे तक
भागवत पुराण के अनुसार, जब भगवान इंद्र के क्रोध और मूसलाधार बारिश से ब्रजवासियों का जीवन संकट में आ गया था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठिका) पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी की रक्षा की थी। तभी से इंद्र की बजाय प्रकृति (पर्वत) और गायों की पूजा करने की परंपरा शुरू हुई।
परिक्रमा
गोवर्धन जी की मूर्ति की पूजा करने के बाद परिवार सहित उनकी परिक्रमा की जाती है और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है