श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली मथुरा, वृंदावन और गोकुल में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस विश्व प्रसिद्ध पर्व में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली मथुरा, वृंदावन और गोकुल में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस विश्व प्रसिद्ध पर्व में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा, यातायात और जन-सुविधाओं का बेहद कड़ा और पुख्ता खाका तैयार किया है। चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए आगरा जोन के आठ से अधिक जिलों से फोर्स आएगा।
यातायात व्यवस्था मजबूत रखने के लिए शहर में 129 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, जबकि 24 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं। बाहर से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग में रोककर श्रद्धालुओं को पैदल जन्मस्थान की ओर भेजा जाएगा। जन्माष्टमी पर मथुरा के अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस से भी पुलिस फोर्स आएगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों से भी फोर्स की मांग की गई है। चप्पे-चप्पे पर लगभग चार हजार पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था 7 जोन और 35 सेक्टर में बटा क्षेत्र
सुरक्षा की दृष्टि से पूरे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 7 जोन और 35 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर जोन और सेक्टर में मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 कंपनी पीएसी (PAC), 1 कंपनी आरएएफ (RAF) और बाढ़ राहत के लिए फ्लड प्लाटून तैनात की गई हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और पूरे क्षेत्र में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह न फैल सके।
यातायात और डायवर्जन प्लान
श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए 3 सितंबर की सुबह 8 बजे से 5 सितंबर की सुबह 9 बजे तक मथुरा के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (रूट डायवर्जन) रहेगा।
प्रतिबंधित मार्ग
भूतेश्वर, मसानी, डींग गेट, चौक बाजार, भरतपुर गेट, गोवर्धन चौराहा, मण्डी चौराहा, कृष्णापुरी और होलीगेट की तरफ से श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा।
सुरक्षा का 3 ज़ोनिंग प्लान प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
रेड ज़ोन (अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र)
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर और शाही ईदगाह के मुख्य अंदरूनी हिस्से को ‘रेड ज़ोन’ घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों और विशेष कमांडो की तैनाती रहेगी। बिना गहन जांच-पड़ताल के किसी को भी इस क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
येलो ज़ोन (आस-पास का क्षेत्र)
जन्मस्थान और मस्जिद परिसर के ठीक बाहर और आस-पास के निकटतम बाहरी इलाकों को ‘येलो ज़ोन’ में शामिल किया गया है। यहाँ सुरक्षा का जिम्मा प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल (PAC) और त्वरित कार्य बल (RAF) की टीमों के पास होगा।
ग्रीन ज़ोन (बाहरी शहर व संपर्क मार्ग)
शहर का शेष बाहरी हिस्सा, प्रमुख चौराहे, मुख्य मार्ग और पार्किंग स्थल ‘ग्रीन ज़ोन’ के अंतर्गत रखे गए हैं। यहाँ उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस और यातायात पुलिस के जवान तैनात रहकर भीड़ और गाड़ियों के आवागमन को संभालेंगे।
जोनल और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती
सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए प्रत्येक ज़ोन की कमान एसपी (पुलिस अधीक्षक) स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि सेक्टर स्तर की कमान डीएसपी (क्षेत्राधिकारी) रैंक के अधिकारी संभालेंगे। लगभग 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, 16 वॉच टावर, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
गोकुल में भी उत्सव का माहौल
भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप का केंद्र गोकुल भी नंदोत्सव और जन्माष्टमी के रंग में पूरी तरह से रंग चुका है। गोकुल के यमुना घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जल पुलिस के साथ गोताखोरों की टीम तैनात की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, साफ-सफाई और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।
रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा