दादी नानी बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को जीरा का सेवन करने की सलाह देती है। ऐसा कहा जाता है कि ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को जीरा का सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क का प्रोडक्शन बढ़ता है।
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क्योंकि बच्चों को पर्याप्त दूध नहीं मिलेगा तो बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होगी, इतना ही नहीं बच्चों में चिड़चिड़ापन और कई दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को पेट भर दूध मिले इसलिए ब्रेस्ट मिल्क का प्रोडक्शन अधिक होना जरुरी है।
जो महिलाएं बच्चों को दूध पिलाने वाली मांओं के लिए जीरा का सेवन करने काफी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें कई तरह पाये जाते है। जीरा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन ए,सी और ईडैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाया जाता है। ये पोषक तत्व मां और बच्चे दोनो के शरीर में आयरन की कमी को पूरा कर सकता है।
डिलीवरी के बाद शुरुआती दिनों में महिलाओं को अपनी डाइट में फाइबर बेस्ड चीजें शामिल करनी चाहिए, ताकि उन्हें कब्ज या पाचन से जुड़ी समस्या न हो। ऐसे में वे जीरा का सेवन कर सकती हैं।
इसमें इसमें थाइमोल और क्यूमिनलडिहाइड जैसे तत्व होते हैं, जो पाचन में सहायता करने वाले एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करते हैं।
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जीरे का सेवन करने से सूजन, गैस और अपच जैसी कई समस्याओं में राहत मिलती है। जीरे में क्यूमिनलडिहाइड और थाइमोल जैसे एसेंशियल ऑयल होते हैं, जिनमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटीफंगल तत्व होते हैं। इससे इम्यूनिटी बूस्ट होने में मदद मिलती है। नतीजतन, इंफेक्शन आदि का रिस्क कम होता है। यह बच्चे की सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है।