Guru Vakri 2025 : देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में वक्री हो रहे हैं। गुरु 11 नवंबर को शाम में 6 बजकर 31 मिनट पर वक्री हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन बहुत खास माना जाता है। गुरु को ज्ञान, विकास, धार्मिकता, लाभ, बड़े-कार्यों आदि का प्रतीक माना जाता। गुरु एक शुभ ग्रह हैं ऐसे में गुरु के वक्री होने पर कुछ राशियों को इसका शुभ फल मिलेगा वहीं कुछ राशियों को बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
गुरु धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। वहीं, जब गुरु वक्री चाल चलता है तो इन लोगों के जीवन में सुधार की स्थिति और नई शुरुआत के मौके लेकर आता है। पंचांग के अनुसार, 11 नवंबर 2025, मंगलवार को गुरु कर्क राशि में रात 10 बजकर 11 मिनट पर वक्री होंगे। यह स्थिति लगभग 25 दिनों तक रहेगी।
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वृषभ राशि
गुरु की वक्री चाल से वृषभ राशि के लोगों के लिए सामान्य रहेगी। वृषभ राशि के लोगों को इस अवधि में सामान्य लाभ मिल सकता है। गुरु की चाल से आपको लाभ तो मिलेगा लेकिन, थोड़ी देरी हो सकती है।
कन्या राशि
गुरु की वक्री चाल से कन्या राशि के लोगों को नए दोस्त मिल सकते हैं। करियर में आपको इस अवधि में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ संबंधों पहले से काफी अच्छी होंगे। आपको कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं हो सकती है।
वृश्चिक राशि
गुरु की वक्री चाल से वृश्चिक राशि के लोगों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आपके नेतृत्व क्षमता की तारीफ की जाएगी। आपको अच्छा धन प्राप्त हो सकता है। पैसे समझदारी से खर्च करेंगे।
धनु राशि
गुरु की वक्री चाल से धनु राशि के लोगों की सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी। परिवार की चिंता तो रहेगी लेकिन, कोई बड़ी समस्या का सामना आपको नहीं करना पड़ेगा।