Hanuman Jayanti 2024 : सनातन धर्म में हनुमान जी महाराज की पूजा विधि विधान से की जाती है। हनुमान जी जयंती के अवसर पर जगह जगह पर विशाल भंडारा आयोजित किए जाते है। हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी को सिंदूर का चोला अति प्रिय है। इसलिए हनुमान जी का हर भक्त मंगलवार के दिन भगवान हनुमान को सिंदूर चढ़ाता है और उनका श्रृंगार करता है। आपको बता दें कि सिंदूर को सौभाग्य और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।
पढ़ें :- Amarnath Yatra 2026 Registration : अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण इस डेट से शुरू ? जानें यात्रा के प्रमुख रूट
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 23 अप्रैल, 2024 दिन मंगलवार को सुबह 03 बजकर 25 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 24 अप्रैल, 2024 दिन बुधवार सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर होगा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए इस बार हनुमान जयंती 23 अप्रैल को मनाई जाएगी।
आपको चोला बनाने के लिए पक्का सिंदूर जो कि नारंगी कलर का होता है और चमेली का तेल लेना होगा। इन दोनों को अच्छे से मिला कर पेस्ट तैयार कर लें। इससे चोले का पेस्ट तैयार हो जाएगा। इसके बाद आप हनुमान जी की प्रतिमा को साफ जल से स्नान कराएं और फिर उस पर हल्का सा देसी घी लगाकर सिंदूर का चोला चढ़ा देना है। आप चोले के उपर चांदी या सोने का वर्क भी चढ़ा सकते हैं। ध्यान रखें यह काम महिलाएं नहीं कर सकती हैं। बेहतर होगा कि चोला जिसे चढ़ाना है वह ही इसे तैयार भी करें।
हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने के फायदे
1. हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने से मंगल ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं। यदि किसी की कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हो तो उसे हर मंगलवार को हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाना चाहिए।
2. अगर किसी व्यक्ति या बच्चे को बुरी नजर लगी हो तो हनुमानजी के दाहिने पैर का सिंदूर उसे लगाने से फायदा होता है।
3. अगर कोई व्यक्ति ऊपरी बाधा जैसे भूत-प्रेत आदि से परेशान हैं तो उसे हनुमान जी के दाहिने पैर का सिंदूर लगाना चाहिए।
4. रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद हनुमानजी के दाहिने पैर का सिंदूर अपने मस्तक पर लगाने से परेशानियां दूर होती हैं और ग्रहों के बुरे असर से भी बचे रहते हैं।