नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के विवादित सोशल मीडिया रीपोस्ट के बाद हंगामा मचा हुआ है। इस पोस्ट में चीन (China) और भारत (India) को नरक देश बताया था। हालांकि इसके बाद ट्रंप ने खुद यूटर्न लेते हुए भारत को एक महान देश बताया। जब बात अमेरिका और ट्रंप की हो तो ईरान (Iran) भला कैसे पीछे रहता? मुंबई स्थित कोंसुलेट जनरल ऑफ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान (Consulate General of the Islamic Republic of Iran) ने तंज भरा पोस्ट किया है। इसके जरिए ईरान (Iran) ने ट्रंप को भारत आकर करीब से देखने की नसीहत दी। इसके लिए एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें भारत के कुछ दर्शनीय जगहों को फिल्माया गया है।
पढ़ें :- अमेरिका के पूर्व अधिकारी ने पाकिस्तान की 'इस्तेमाल करके फेंक देने वाली वेश्या' से की तुलना, बोले- इस पर नहीं किया जा सकता भरोसा
Maybe someone should book a one-way cultural detox for Mr. #Trump, it might just reduce the random bakwaas
Kabhi #India aa ke dekho, phir bolna. pic.twitter.com/kkocLZ31XX
— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 23, 2026
पढ़ें :- Big Blow to Trump : अमेरिकी अदालत ने नया टैरिफ आदेश किया खारिज , कहा- व्यापार कानून का हुआ गलत इस्तेमाल
ईरान ने कहा,कि शायद किसी को ट्रंप के लिए एकतरफा सांस्कृतिक डिटॉक्स बुक कराना चाहिए। इससे उनकी बेतरतीब बकवास कम हो सकती है। कभी भारत आकर देखो, फिर बोलना। वहीं, हैदरावाद स्थित दूतावास ने भी तीखा हमला किया है। उन्होंने लिखा कि ‘चीन और भारत सभ्यता के पालने हैं। असल में नरक-कुंड तो वह जगह है जहां के युद्ध-अपराधी राष्ट्रपति ने ईरान की सभ्यता को तबाह करने की धमकी दी थी।
China and India are the cradles of Civilization. In fact, the #hellhole is where its war-criminal president threatened to decimate the civilization in Iran.
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) April 23, 2026
आपको बता दें कि गुरुवार को स्पष्टीकरण जारी कर अमेरिका ने इस मामले को संभालने की कोशिश की। अमेरिका की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि भारत एक महान देश है, जिसका नेतृत्व उनके अच्छे मित्र कर रहे हैं। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा,कि राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर उनके बहुत अच्छे मित्र हैं।भारत ने उस पोस्ट को अज्ञानतापूर्ण और अनुचित बताया।
पढ़ें :- Operation Sindoor : कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला, जयराम रमेश बोले- अमेरिका ने युद्धविराम का श्रेय डोनाल्ड ट्रंप को दिया, लेकिन पीएम मोदी ने नहीं किया खंडन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही इसके जवाब में अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया बयान भी देखा है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।