लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच (Lucknow Bench) ने राम जन्मभूमि मंदिर (Ram Janmabhoomi Temple) में प्राप्त चढ़ावे के कथित दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल एवं क्रम से हटकर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। जस्टिस पंकज भाटिया (Justice Pankaj Bhatia) और जस्टिस अमिताभ कुमार राय (Justice Amitabh Kumar Roy) ने मौखिक रूप से कहा कि मामले में ऐसी कोई तात्कालिकता नहीं है, जिसके आधार पर इसे अन्य मामलों से पहले सुना जाए।
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बता दें कि यह टिप्पणी उस समय की गई जब याचिकाकर्ता मोहित अशोक (Petitioner Mohit Ashok) ने कोर्ट से तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उसके समक्ष पहले से ही बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और ऐसे में इस याचिका को क्रम से हटकर सुनने का कोई औचित्य नहीं बनता।
राम मंदिर दान चोरी नहीं, बल्कि डकैती थी : इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह सिर्फ़ चोरी नहीं, बल्कि डकैती थी। मैंने आज अख़बार में पढ़ा कि सिंधी समुदाय ने 200 चांदी की ईंटें दान की हैं। फिर भी उन 200 चांदी की ईंटों की कोई रसीद नहीं है। यह डकैती के बराबर है। फिर भी, अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। अगर राम मंदिर के लिए दान का यह हाल है, तो आम आदमी का क्या हाल होता होगा?