कई लोग नसों के दर्द से परेशान रहते हैं। बुजुर्गों को अलावा कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। जब आपकी नस में होने वाले दर्द की डायग्नोसिस हो जाए तो आपको अपनी देखभाल करना शुरू कर देना चाहिए।
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आपको प्रभावित हिस्से से कोई काम नहीं लेना चाहिए। मांसपेशियों, जोड़ों और टेंडॉन्स के बार-बार उपयोग से नस में होने वाले दर्द की स्थिति और खराब हो जाएगी क्योंकि प्रभावित हिस्से लगातार सूजे रहते हैं और नस को दबाते रहते हैं ।
किसी भी दबी हुई नस के दर्द में तुरंत थोड़ा आराम पाने का सबसे आसान तरीका यह है कि प्रभावित नस और उसके चारों और के हिस्सों को सूजन और दबाव पूरी तरह से शांत होने तक आराम दिया जाये । पर्याप्त नींद लें।
प्रभावित हिस्से का अत्यधिक उपयोग न करने से यह सीधा प्रभाव दिखाता है, अगर आप ज्यादा सोते हैं तो कम हिलते-डुलते हैं। इससे न सिर्फ आप प्रभावित हिस्से का उपयोग कम कर पाएंगे बल्कि सोने से आपके शरीर को खुद को ठीक करने के लिए अधिक समय भी मिल जायेगा।
उदाहरण के लिए, अगर आपकी गर्दन की नस में दर्द हो तो एक नैक-ब्रेस (neck-brace) के उपयोग से पूरे दिन मांसपेशियों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
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इसके अलावा प्रभावित हिस्से पर या तो स्टोर से ख़रीदे हुए आइस पैक को रखें या घर पर बनाये आइस पैक का उपयोग हल्के दबाव के साथ करें | हल्का दबाव प्रभावित हिस्से को ठंडक देने में मदद करेगा।
अपनी स्किन और आइस पैक के बीच एक नर्म कपडा रखें जिससे ठण्ड से स्किन को नुकसान नहीं पहुंचेगा | इसे 15 मिनट से ज्यादा देर उपयोग न करें अन्यथा रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है जिससे दर्द देर से ठीक होता है |
शरीर के जिस हिस्से की नसों में दर्द है, उस हिस्से की पुदीने के तेल से मालिश करे| पुदीने के तेल की मालिश से नसों का दर्द धीरे धीरे कम होने लगेगा। सरसों के तेल को हल्का गर्म करके उस तेल से नसों की मालिश करे। अपनी जीवनशैली में व्यायाम और प्राणायाम को शामिल करें। व्यायाम करने से नसों में लचीलापन आता है, जिससे नसों के दर्द में काफी आराम मिलता है| रोजाना अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से नसों में दर्द की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती है|