टायफाइड बुखार बहुत ही गंभीर रोग है। साल्मोनेला टाइफी के कारण होने वाला एक जीवाणु संक्रमण है, जो गंदे पानी और गंदगी की वजह से होता है। टाइफाइड बुखार दूषित भोजन और पानी पीने से होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाय तो जानलेवा भी हो सकता है।
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टाइफाइड बुखार के लक्षण संक्रमण के एक से दो हफ्ते बाद विकसित होते है। टाइफाइड का बुखार संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित भोजन या पानी का सेवन करने से होता है। खासकर डाइफाइड गंदगी की वजह से होता है। टाइफाइड में बुखार, पेट में दर्द, कब्ज़, दस्त, कमजोरी और सिरदर्द की समस्या होती है।
टाइफाइड बुखार होने पर शरीर में नजर आते हैं ये लक्षण
टाइफाइड बुखार में शाम होते ही या दोपहर में तेज हो जाता है।
लगातार और गंभीर सिर दर्द होता है।
टाइफाइड बुखार में मांसपेशियों में दर्द और बेचैनी महसूस होती है।
टाइफाइड बुखार होने पर भूख कम लगती है।
टाइफाइड बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती रहती है।
इसके अलावा पेट में तेज दर्द होता है या फिर पेट के निचले दाहिने हिस्से में तेज दर्द होता है।
हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोना, खासकर खाना खाने से पहले और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद।
अपने आस-पास को साफ रखना, और कचरा उचित तरीके से disposal करना।
अपने भोजन और पेय पदार्थों को दूषित होने से बचाना।
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दूषित पानी और भोजन से बचाव:
दूषित पानी पीने से बचना, और केवल साफ और शुद्ध पानी का सेवन करना।
बाहर का खाना या स्ट्रीट फूड खाने से बचना, क्योंकि इनमें टाइफाइड बैक्टीरिया होने की संभावना अधिक होती है।
कच्चे फल और सब्जियां खाने से बचना।
अपने भोजन को अच्छी तरह से पकाना और सुरक्षित रूप से स्टोर करना।
अन्य सावधानियां:
अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें और किसी भी तरह के कचरे को न फेंकें।
स्वस्थ और संतुलित आहार लें।
पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएं।
अगर आपको बुखार या अन्य टाइफाइड के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।