Muhammad Yunus’s Statement Regarding India: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत पर बड़ा आरोप लगाया है। यूनुस ने दावा किया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले सांप्रदायिक नहीं बल्कि राजनीति से प्रेरित हैं और भारत हिंदुओं पर हो रहे हमलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। हालांकि, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख ने भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की इच्छा भी जतायी है।
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दरअसल, बांग्लादेश में 5 अगस्त को शेख हसीना सरकार के तख़्तापलट के बाद वहां पर अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर हमले की खबरें आयी। उनके मंदिरों और उनके बिजनेस को निशाना बनाया गया। जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में चिंता जतायी थी। वहीं, भारत की बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता पर मोहम्मद यूनुस ने प्रतिक्रिया दी है।
समाचार एजेंसी पीटीआई से यूनुस ने कहा, “ये हमले राजनीतिक प्रकृति के हैं, न कि सांप्रदायिक। और भारत इन घटनाओं को बड़ा करके दिखाने की कोशिश कर रहा है। हमने यह नहीं कहा है कि इसे रोकने के लिए हम कुछ नहीं कर सकते; हमने कहा है कि हम सब कुछ कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि शेख हसीना के बाद भी बांग्लादेश सुरक्षित हाथों में हैं।
नोबेल प्राइज विजेता यूनुस ने कहा, “भारत के लिए आगे का रास्ता इस नैरेटिव से बाहर आना है। नैरेटिव यह है कि हर कोई इस्लामवादी है, बीएनपी इस्लामवादी है, और बाकी सभी इस्लामवादी हैं और इस देश को अफगानिस्तान बना देंगे।” उन्होंने कहा, “भारत की धारणा है कि बांग्लादेश केवल शेख हसीना के नेतृत्व में ही सुरक्षित हाथों में है। भारत इस नैरेटिव से जकड़ा हुआ है। भारत को किसी भी अन्य देश की तरह, इस नैरेटिव से बाहर आने की जरूरत है।”
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख ने भारत के साथ मजबूत संबंधों की इच्छा जताई और तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने के लिए अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता निचले स्तर पर है जिसे सुधारने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।”
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यूनुस ने शेख हसीना के भारत में रहते हुए बांग्लादेश को लेकर कोई भी बयान जारी करने पर आपत्ति जतायी है। उन्होंने कहा, “अगर भारत उन्हें तब तक अपने पास रखना चाहता है जब तक बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस नहीं चाहती, तो शर्त यह होगी कि उन्हें चुप रहना होगा।”