नई दिल्ली, पर्दाफाश। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद दो हफ्तों के युद्धविराम का ऐलान किया गया है, जिसे कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम की घोषणा की, जिसके तहत ईरान ने अस्थायी रूप से सैन्य अभियानों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है। इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की मध्यस्थता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में भूमिका निभाई।
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कांग्रस का हमला
इस घटनाक्रम को लेकर जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए कहा कि इस युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका भारत के लिए कूटनीतिक झटका है। रमेश ने तंज कसते हुए सरकार की “विश्वगुरु” छवि पर सवाल उठाए और कहा कि यह घटनाक्रम भारत की कूटनीतिक स्थिति को कमजोर करता है। उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की रणनीति अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल पा रही है।
"A setback to PM Modi’s personalised diplomacy." pic.twitter.com/oovxTQ64MM
— Congress (@INCIndia) April 8, 2026
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पश्चिम एशिया पर ‘चुप्पी’ का आरोप
कांग्रेस नेता ने पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव और इज़राइल-गाजा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस पूरे संकट के दौरान भारत की ओर से स्पष्ट और प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे वैश्विक स्तर पर देश की छवि प्रभावित हो सकती है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल हो रही भाषा और घटनाओं पर भारत की चुप्पी चिंता का विषय है, जबकि ऐसे समय में एक मजबूत और संतुलित कूटनीतिक रुख अपेक्षित होता है।
पाकिस्तान नीति पर सवाल
रमेश ने पाकिस्तान को लेकर केंद्र सरकार की नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति सफल होती नहीं दिख रही है, क्योंकि मौजूदा युद्धविराम में उसकी भूमिका सामने आई है। उनके मुताबिक, यह स्थिति भारत की कूटनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े करती है और यह संकेत देती है कि क्षेत्रीय समीकरण बदल रहे हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उठाए सवाल
इसके अलावा, जयराम रमेश ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि मई 2025 में इस ऑपरेशन को अचानक क्यों रोक दिया गया और अब तक इस पर कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है, ताकि देश और जनता को सही स्थिति का पता चल सके।