पवन खेड़ा ने आगे कहा, हम ITBP समेत सभी बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं, क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला कर रहे हैं। क्योंकि देश में एक ऐसी सरकार है, जो न शहादत को सलामी देती है, न बहादुरी को शाबाशी। हालांकि, ये पहली बार नहीं है। साल 2020 में गलवान में हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हुए, लेकिन तब मोदी ने चीन को क्लीन चिट देते हुए कहा- न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है।
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार कहा कि हमारे देश में एक 56 इंच का चीनी खिलौना है, जिसकी चाभी कई देशों के पास है। चीन को लेकर जो खबर आ रही है, उसे मोदी सरकार ने लगातार छिपाने की कोशिश की। लेकिन अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने कंफर्म किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना के साथ हमारे सैनिकों की झड़प लगातार जारी है।
पवन खेड़ा ने आगे कहा, हम ITBP समेत सभी बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं, क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला कर रहे हैं। क्योंकि देश में एक ऐसी सरकार है, जो न शहादत को सलामी देती है, न बहादुरी को शाबाशी। हालांकि, ये पहली बार नहीं है। साल 2020 में गलवान में हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हुए, लेकिन तब मोदी ने चीन को क्लीन चिट देते हुए कहा- न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है।
उन्होंने अगो कहा, DGs की कॉन्फ्रेंस हुई तो उसमें भी यह बात कही गई थी कि 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट पर अब भारत का कंट्रोल नहीं रहा। मोदी की क्लीन चिट की वजह से ही लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन दुस्साहस दिखा रहा है और फिर से साबित हो गया है: नाम नरेंदर, काम सरेंडर…
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि, चीन का सच सबके सामने आ रहा है और अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर भी इस मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। लेकिन DG के बयान के बाद तुरंत सूत्रों के हवाले से खबर चलाई जाने लगी कि इस मुद्दे पर ITBP जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी। ये दिखाता है कि मोदी सरकार की क्या हालत है? जब प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया को मैसेज देने का मंच मिलता है तो वहां ‘लाल आंख’ दिखाने के बजाए विपक्ष को बुरा-भला कहते हैं।
साथ ही कहा, आखिर नरेंद्र मोदी को किस बात का डर है? चीन के पास मोदी का ऐसा कौन सा राज है, जो ये बिछ जाते हैं? मोदी की चीन के साथ कई मुलाकातें हुईं, इसके बावजूद उन्होंने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील मुद्दों को क्यों नहीं उठाया? उन्होंने आगे कहा, हम चीन की शर्तें मानते गए, सजा भी पाते गए और हमले भी झेलते रहे।
ट्रेड का Deficit बढ़कर 99 बिलियन से 112 बिलियन डॉलर पर चला गया है। हम उनके सामने झुकते चले जा रहे हैं, उनके लिए Travel restrictions को दूर कर दिया, Visa बढ़ा दिए। Press note-3 को भी अमेंड कर दिया क्योंकि चीन चाहता था कि उस पर जो restrictions थे उसे दूर किए जाए, लेकिन इसके एवज में हमें चीन से कुछ नहीं मिला। क्या 20 अप्रैल 2020 से पहले जहां हम पेट्रोलिंग कर पाते थे, उन Points पर आज भी पेट्रोलिंग कर पा रहे हैं या नहीं?
पवन खेड़ा ने आगे कहा, 70% टनल बोरिंग मशीन चीन में बनाई जाती है। हिंदुस्तान को यह मशीन जर्मनी से खरीदनी थी, लेकिन चीन ने उस मशीन को अपनी फैक्ट्री से India भेजने पर ही रोक लगा दी। पहले इसे Unofficially रोका गया। फिर, इस रोक को Official दर्जा दे दिया गया। इसी तरह Rare earth materials और फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट को भी पहले Unofficial तरीके से, फिर Official तौर पर रोक दिया गया।70 से 80% दवाइयों का API चीन में बनता है। भारत को सताने के लिए चीन बीच-बीच में उसपर भी रोक लगा देता है। कभी चीन हिंदुस्तान के गांवों के नाम बदल देता है, कभी बांध बना देता है, लेकिन नरेंद्र मोदी चुप्पी साधकर सरेंडर कर जाते हैं। नरेंद्र मोदी डरपोक हैं, लेकिन इसकी कीमत हिंदुस्तान नहीं चुकाएगा।