नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, भूमि और निर्माण घोटाले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। रोहिणी के जापानी पार्क से राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अभियान में शामिल होने और प्रधानमंत्री को पत्र भेजने की अपील की।
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अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि देशवासियों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि कथित चोरों और घोटालेबाजों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे लोगों का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 12, 2026
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भूमि घोटाले और निर्माण में कमीशन का आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े भूमि घोटाले और मंदिर निर्माण में कमीशनखोरी की कोई निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि दान राशि की कथित चोरी के मामले में बनाई गई एसआईटी (SIT) और दर्ज एफआईआर (FIR) केवल दिखावटी कार्रवाई है और इसका उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मामले को दबाना है।
सुंदरकांड पाठ से अभियान की शुरुआत
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत सुंदरकांड पाठ के साथ की। इस दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। पार्टी ने लोगों से अभियान में शामिल होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने की अपील की।
दान और निर्माण में अनियमितताओं का दावा
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सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों के भीतर मंदिर परिसर में चोरी की 70 घटनाएं सीसीटीवी में दर्ज हुईं, जबकि 8 महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कथित रूप से हटा दी गई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और निर्माण कार्य में भी गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
‘पूरी व्यवस्था कथित दोषियों को बचाने में लगी’
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार निष्पक्ष जांच की मांग करती रही, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के कारण पूरे तंत्र का इस्तेमाल कथित दोषियों को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता से राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
राम भक्तों से अभियान में जुड़ने की अपील
केजरीवाल ने श्रद्धालुओं से हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि भगवान राम के मंदिर में कथित चोरी करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को संबोधित एक पत्र पढ़कर सुनाया, जिसमें सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को बचाने के बजाय उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
पत्र में लगाए गए आरोप
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प्रधानमंत्री को भेजे जाने वाले पत्र में कहा गया कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था, लेकिन समय-समय पर भूमि घोटाले, निर्माण में कथित कमीशनखोरी और दान राशि की चोरी के आरोप सामने आए। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है और केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही एसआईटी और एफआईआर को जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया गया है।
सीईओ नियुक्ति और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इसी बीच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। समिति ने पात्रता मानदंड तय कर दिए हैं और 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वहीं, ट्रस्ट से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। दूसरी ओर, ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने वीआईपी दर्शन पास से जुड़ी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि पास जारी करने की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।