Kenya Oil Crisis : पेट्रोल-डीजल वैविक संकट बनते जा रहे है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केन्या में पेट्रोल डीजल का संकट गहराता जा रहा है। यहां नागरिकों में गुस्सा भड़क गया है। सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मिडिल ईस्ट में फैले तनाव की वजह से तेल की सप्लाई पर सबसे अधिक असर पड़ा है, जिस वजह से कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
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राजधानी नैरोबी से लेकर दूसरे बड़े शहरों तक लोगों की भीड़ सढ़क पर उतर आयी है। और कई जगहों पर आगजनी भी हुई है।
ईंधन संकट
प्रदर्शनकारियों के द्वारा जगह जगह पर गाड़ियां रोक दी गई हैं. आगजनी हुई है और पूरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम करीब-करीब ठप पड़ गया है। देश में हालात इतने खराब हो गए हैं कि प्रदर्शन में चार लोगों की जान चली गई है। दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। महंगाई और ईंधन संकट की वजह से केन्या की सरकार पर बड़ा असर पड़ा है।
इलाकों में प्रदर्शन
समुद्री परिवहन का महत्वपूर्ण रूट होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक करने का असर सिर्फ केन्या ही नहीं बल्कि विभिन्न अफ्रीकी देशों पर पड़ा है। पिछले सप्ताह केन्या की सरकार ने तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। सरकार ने डीजल की कीमतों में 23.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिस वजह से परिवहन कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार सुबह राजधानी नैरोबी के बाहरी इलाकों में प्रदर्शन शुरू हुआ। लोगों ने आगजनी की और सड़कों पर लगी बैरिकेडिंग हटा दी।
केन्याई गृहमंत्री किपचुम्बा मुरकोमेन ने पत्रकारों से इस बारे में बात भी की। उन्होंने कहा कि ये दुखद है कि आज की हिंसा में हमने चार केन्याई नागरिकों को खो दिया।