Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. Los Angeles Protests : US गृह युद्ध की ओर? जल रहा है डोनाल्ड ट्रंप का देश,अमेरिकी झंडे पर थूका और फिर जलाया

Los Angeles Protests : US गृह युद्ध की ओर? जल रहा है डोनाल्ड ट्रंप का देश,अमेरिकी झंडे पर थूका और फिर जलाया

By santosh singh 
Updated Date

Los Angeles Protest : लॉस एंजेलिस (Los Angeles) में इस समय हिंसक प्रदर्शन आग में झुलस रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) इमीग्रेशन के खिलाफ कार्रवाई से यहां लोग भड़क गए हैं। ट्रंप की ओर से नेशनल गार्ड की तैनाती के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया है।

पढ़ें :- Nepal Flash Flood : नेपाल में बाढ़ के चलते भारतीय दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी नंबर

लॉस एंजेलिस (Los Angeles)  की सड़कों पर रविवार को जो कुछ हुआ, उसने अमेरिका की आंतरिक उथल-पुथल को पूरी दुनिया के सामने ला दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की ओर से ‘नेशनल गार्ड’ की तैनाती के बाद हालात और बिगड़ गए। हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, राजमार्ग 101 को जाम कर दिया गया और देखते ही देखते दर्जनों गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं।

पढ़ें :- सपा के मुंह से महिला सुरक्षा-सम्मान की बात महज़ छलावा...केशव मौर्य ने साधा निशाना

दहकते झंडे, गूंजते नारे और तितर-बितर होती भीड़… ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। एक वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी अमेरिका का झंडा जला रहे हैं और ट्रंप के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। यही नहीं, कुछ लोगों ने उसी देश के झंडे पर थूकते हुए गुस्सा जाहिर किया, जिसमें वह रह रहे हैं। सोवियत यूनियन और मैक्सिको का झंडा भी इस दौरान दिखाई दिया। सोशल मीडिया यूजर निक सॉर्टर ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि ‘ये लोग हमारे देश से नफरत करते हैं। इन्हें यहां क्यों रहने दिया जाए?

पढ़ें :- PM मोदी ने बालेंद्र शाह से की बात, कहा-भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार

स्थानीय पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट्स का सहारा लिया। शील्ड और बंदूक से लैस पुलिसकर्मी हर नुक्कड़ पर तैनात थे। कई जगहों पर पुलिसकर्मी घोड़ों पर गश्त लगाते दिखे, वहीं प्रदर्शनकारी पार्क से कुर्सियां लाकर बैरिकेड बना रहे थे।

जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, टकराव और बढ़ता गया। राजमार्ग पर पुलिस पर पत्थर और पटाखे फेंके गए, जिसके बाद अधिकारी पुल के नीचे जाकर छिपने को मजबूर हो गए। इन विरोध प्रदर्शनों की जड़ में है ट्रंप सरकार का इमीग्रेशन कानूनों पर लिया गया सख्त फैसला। शुक्रवार को संघीय आव्रजन अधिकारियों ने 44 अप्रवासियों को हिरासत में लिया था, जिसके बाद पूरे लॉस एंजेलिस में प्रदर्शन शुरू हो गए। ट्रंप प्रशासन ने इस पर ‘नेशनल गार्ड’ की तैनाती कर दी, जिसे गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने ‘राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन’ करार दिया।

पढ़ें :- Nepal News: नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, सड़के और बिजली आपूर्ति हुई ध्वस्त, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता

न्यूजॉम ने राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखकर कहा कि सेना की मौजूदगी हालात को सुधारने के बजाय और भड़का रही है। वहीं ट्रंप ने पलटवार करते हुए कहा कि डेमोक्रेट नेताओं की नाकामी ने ही यह स्थिति पैदा की है और ‘नेशनल गार्ड’ की तैनाती जरूरी है। हिंसा की आग इतनी तेज थी कि कम से कम चार सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं. आसमान में काला धुआं छा गया, इलेक्ट्रिक बैटरियों में विस्फोट के कारण धमाकों की आवाज सुनाई दी।

पुलिस ने कई ब्लॉकों को बंद कर दिया और ‘फ्लैश बैंग’ ग्रेनेड्स का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने एक स्ट्रिप मॉल में आग लगाई और कई दुकानों पर तोड़फोड़ के साथ कई सरकारी इमारतों और गाड़ियों पर स्प्रे पेंट से नारे लिखे। प्रदर्शनकारियों ने मेक्सिको का झंडा लेकर ‘आईसीई लॉस एंजिल्स से बाहर जाओ’ जैसे नारे भी लगाए।

इस बीच, एफबीआई ने संदिग्ध की पहचान, गिरफ्तारी और सजा दिलाने में मदद के लिए सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर तक का इनाम देने का ऐलान किया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (US Vice President JD Vance) ने ट्रंप की पोस्ट को ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए लिखा, ‘इस समय निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने कहा कि दंगे और हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Advertisement